रेलवे भर्ती में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए नई सुविधाएं: महत्वपूर्ण अपडेट
रेलवे भर्ती में दिव्यांगों के लिए राहत
हर साल, लाखों उम्मीदवार रेलवे में नौकरी पाने के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं। इनमें से कई उम्मीदवार दिव्यांग श्रेणी से आते हैं। हाल ही में, रेलवे भर्ती के लिए तैयारी कर रहे दिव्यांग युवाओं के लिए एक अच्छी खबर आई है। रेलवे मंत्रालय ने दिव्यांग युवाओं के लिए रेलवे परीक्षाओं में होने वाले बड़े बदलावों को अस्थायी रूप से 30 जून तक टाल दिया है। इसका मतलब है कि आगामी रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) NTPC अंडरग्रेजुएट (CBT-1), सहायक लोको पायलट, और जूनियर इंजीनियर परीक्षाओं में दिव्यांग उम्मीदवार अपने सहायक के साथ परीक्षा दे सकेंगे।
नई नियमों की जानकारी
रेलवे मंत्रालय ने इस संबंध में स्पष्टता प्रदान की है। मंत्रालय ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए नए नियम बनाए गए हैं। इन नए नियमों के तहत, दिव्यांग उम्मीदवारों को अपने स्वयं के 'लिपिक' (सहायक) लाने के बजाय परीक्षा एजेंसी द्वारा प्रदान किए गए 'लिपिक पूल' से सहायता प्राप्त करनी होगी। इसका अर्थ है कि उन्हें रेलवे द्वारा निर्धारित पैनल से एक सहायक का चयन करना होगा। इसके अलावा, परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक और विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा।
एजेंसी द्वारा प्रदान किए गए सहायक की व्यवस्था
यह ध्यान देने योग्य है कि रेलवे द्वारा पेश किया गया यह नया सिस्टम एजेंसी द्वारा सहायक प्रदान करने की व्यवस्था को शामिल करता है; हालाँकि, इस व्यवस्था के लिए आवश्यक तैयारियाँ अभी पूरी नहीं हुई हैं। इस बीच, दिव्यांग उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान पहले की तरह प्रति घंटे 20 मिनट का अतिरिक्त समय देने का प्रावधान यथावत रहेगा। हालांकि, यह ध्यान रखना चाहिए कि परीक्षा केंद्रों पर सरकारी प्रबंधित 'लिपिक पूल' स्थापित करने के लिए आवश्यक डिजिटल बुनियादी ढाँचा तैयार करने में समय लग रहा है। इसलिए, यह नया नियम 30 जून तक लागू नहीं होगा। CPRO शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, दिव्यांग उम्मीदवारों को परीक्षाओं के दौरान पहले जैसी सुविधाएँ मिलती रहेंगी। हालांकि, एक बार आवश्यक तैयारियाँ पूरी हो जाने पर पुरानी प्रणाली को समाप्त कर दिया जाएगा।
