मध्य प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट में नई चुनौतियाँ: ऑफलाइन परीक्षा की संभावना
मध्य प्रदेश टीईटी में नई समस्याएँ
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर एक नई समस्या उत्पन्न हो गई है। शिक्षकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने परीक्षा को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया था। लेकिन, कर्मचारी चयन बोर्ड (ईएसबी) ने ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने में असमर्थता जताई है।
इससे 1.5 लाख से अधिक कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा में एक नया संकट खड़ा हो गया है। सरकार ने शिक्षकों की मांगों का सम्मान करते हुए परीक्षा को ऑफलाइन मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया था। हालाँकि, ईएसबी ने स्पष्ट किया है कि वह केवल ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप, स्कूल शिक्षा विभाग को परीक्षा के लिए एक वैकल्पिक एजेंसी खोजने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने ऑफलाइन परीक्षा की घोषणा की
शिक्षक दिवस के अवसर पर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीईटी को ऑफलाइन मोड में आयोजित करने की घोषणा की थी। इसके बाद, स्कूल शिक्षा विभाग ने ईएसबी को ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रस्ताव भेजा। लेकिन ईएसबी ने उत्तर दिया कि वह कई वर्षों से केवल ऑनलाइन परीक्षाएँ आयोजित कर रहा है और ऑफलाइन परीक्षा के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचा बंद कर दिया है।
नई एजेंसी के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने की योजना
ईएसबी की अस्वीकृति के बाद, स्कूल शिक्षा विभाग अब परीक्षा के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। सार्वजनिक शिक्षा निदेशालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि ईएसबी केवल ऑनलाइन परीक्षाएँ आयोजित करने के लिए तैयार है। इसलिए, यदि ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करनी है, तो एक वैकल्पिक एजेंसी की व्यवस्था करनी होगी। नई एजेंसी के चयन का निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री की वापसी के बाद निर्णय
डॉ. मोहन यादव वर्तमान में दुबई में हैं और 9 सितंबर को भोपाल लौटने वाले हैं। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के बारे में निर्णय उनकी वापसी के बाद लिया जाएगा। सरकार के पास मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने का विकल्प भी है, लेकिन आयोग ने पहले कभी शिक्षक पात्रता या भर्ती परीक्षाएँ नहीं कराई हैं।
12 अक्टूबर की परीक्षा पर अनिश्चितता
ईएसबी ने पहले टीईटी परीक्षा 12 अक्टूबर से आयोजित करने की योजना बनाई थी। लेकिन अब एक नई एजेंसी की खोज चल रही है, जिससे तारीखें बदल सकती हैं। एक बार नई एजेंसी का चयन हो जाने पर, परीक्षा की नई तारीख की घोषणा की जाएगी। इस बीच, आवेदन की अंतिम तिथि को 18 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है।
अधिक परीक्षा केंद्रों की मांग
शिक्षकों ने परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। वर्तमान में, परीक्षा केंद्र भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, उज्जैन, और सिधी में स्थापित किए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें दूर-दूर तक यात्रा नहीं करनी चाहिए। नई परीक्षा एजेंसी के चयन के बाद, केंद्रों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्थाओं में बदलाव पर भी विचार किया जाएगा।
