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हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में बदलाव: नया पैटर्न और महत्वपूर्ण जानकारी

हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा (HCS 2026) के लिए नए पैटर्न की घोषणा की गई है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा 400 अंकों की होगी। मुख्य परीक्षा में भी बदलाव किए गए हैं, जिसमें 6 पेपर शामिल होंगे। इस लेख में, हम नए पैटर्न, चयन प्रक्रिया और तैयारी के टिप्स पर चर्चा करेंगे। जानें कैसे आप इस परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
 
हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में बदलाव: नया पैटर्न और महत्वपूर्ण जानकारी

हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में नया पैटर्न


हरियाणा: हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा (HCS 2026) की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। राज्य सरकार ने HCS परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया है। अब प्रारंभिक परीक्षा 400 अंकों की होगी, जिसमें दो पेपर शामिल होंगे। मुख्य परीक्षा में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अब नए पैटर्न के अनुसार अध्ययन करना होगा।


हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का नया पैटर्न
हरियाणा सूचना, जनसंपर्क, भाषाएँ और संस्कृति विभाग (हरियाणा DPR) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से घोषणा की है कि हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा का पाठ्यक्रम बदल गया है। प्रारंभिक परीक्षा अब 400 अंकों की होगी, जिसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र शामिल होंगे।


मुख्य परीक्षा कुल 600 अंकों की होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन के 4 पेपर और कुछ वर्णनात्मक प्रश्न पत्र शामिल होंगे। प्रत्येक पेपर की अवधि 3 घंटे होगी और यह 100 अंकों का होगा। उम्मीदवारों को अब परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए नए पैटर्न के अनुसार तैयारी करनी होगी।


हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का पुराना पैटर्न
पुराने पैटर्न के अनुसार, हरियाणा सिविल सेवा (HCS) प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर - सामान्य अध्ययन और सिविल सेवा योग्यता परीक्षण (CSAT) शामिल थे, जिनका कुल अंक 200 था। मुख्य परीक्षा में चार पेपर होते थे, जिसमें अंग्रेजी और हिंदी के लिए 100 अंक और सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय के लिए 200 अंक होते थे। मुख्य परीक्षा का कुल अंक 600 था।


अब परीक्षा का पैटर्न बदल गया है। प्रारंभिक परीक्षा अब 400 अंकों की होगी, और मुख्य परीक्षा में 6 पेपर होंगे। दो नए पेपर जोड़े गए हैं।


चयन प्रक्रिया को समझना
चयन प्रक्रिया तीन चरणों में होगी, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हैं। केवल वे उम्मीदवार जो प्रारंभिक परीक्षा में सफल होंगे, मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र होंगे, और मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाएगा।