सीबीएसई कक्षा 12 रसायन विज्ञान परीक्षा के लिए अंतिम तैयारी टिप्स
सीबीएसई कक्षा 12 रसायन विज्ञान परीक्षा की तैयारी
नई दिल्ली: 28 फरवरी को सीबीएसई कक्षा 12 के छात्रों के लिए रसायन विज्ञान की बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा से पहले कई छात्र घबराहट का सामना करते हैं और छोटी-छोटी गलतियों के कारण अंक खो देते हैं। अनुभवी शिक्षक और परीक्षक सलाह देते हैं कि अंतिम समय में कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखकर 5 से 10 अंक आसानी से बचाए जा सकते हैं। न्यूमेरिकल, ऑर्गेनिक कन्वर्जन, नामकरण और केस स्टडी जैसे विषयों में सही तरीके से तैयारी करना आवश्यक है। इसके साथ ही परीक्षा हॉल में शांत और संयमित रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कुछ अंतिम टिप्स जो आपके स्कोर को बेहतर बना सकते हैं।
न्यूमेरिकल और गणना के लिए स्मार्ट तरीका
संख्यात्मक प्रश्नों में हमेशा क्रम बनाए रखें। पहले दिए गए डेटा को लिखें, फिर सूत्र, उसके बाद प्रतिस्थापन और अंत में इकाई सहित उत्तर दें। गणना के हर चरण को स्पष्ट रूप से दिखाना जरूरी है क्योंकि स्टेप मार्किंग होती है। इकाई न लिखने से अक्सर 1-2 अंक कट जाते हैं। यदि गणना में गलती भी हो जाए, तो सही तरीके से लिखे गए चरणों से आंशिक अंक मिल सकते हैं।
ऑर्गेनिक कन्वर्जन में कोई चूक न करें
कार्बनिक रूपांतरण के प्रश्नों में सभी मध्यवर्ती उत्पादों को दिखाना आवश्यक है। अभिकर्मक और शर्तें स्पष्ट रूप से लिखें। मध्यवर्ती छोड़ने से पूरे अंक कट सकते हैं। अभिक्रिया का सही नाम (जैसे नाइट्रेशन, हैलोजनेशन) और जहां आवश्यक हो, वहां घुमावदार तीरों से इलेक्ट्रॉन गति दिखाएं। कार्बोकैटायन की स्थिरता का उल्लेख करने से अतिरिक्त अंक मिल सकते हैं।
नामकरण और समन्वय यौगिकों का ध्यान
समन्वय यौगिकों के नामकरण में लिगेंड को वर्णमाला क्रम में लिखें, फिर धातु का नाम और ऑक्सीकरण अवस्था को रोमन अंकों में ब्रैकेट में रखें। गलत IUPAC क्रम या गलत ज्यामिति (जैसे वर्गाकार समतलीय की जगह चतुष्फलकीय लिखना) से अंक कट सकते हैं। ऑक्सीकरण संख्या लिखते समय सही चिह्न (+ या -) का ध्यान रखें।
केस स्टडी और वैचारिक प्रश्न
केस स्टडी में दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़ें। अधिकांश उत्तर उसी पाठ में छिपे होते हैं। लैंथानॉइड संकुचन के कारण, प्रभाव और d/f ब्लॉक के वैचारिक प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करें। पाठ्यपुस्तक से ऐसे प्रश्न आते हैं। अनावश्यक लंबे पैराग्राफ न लिखें, बल्कि बिंदुओं में संक्षिप्त और स्पष्ट उत्तर दें।
परीक्षा हॉल में मनोवैज्ञानिक तैयारी
यदि कोई प्रश्न कठिन लगे, तो घबराएं नहीं। पहले पूरा पेपर पढ़ें और आसान सवाल पहले हल करें। आंतरिक विकल्प का सही उपयोग करें। उत्तर को सुव्यवस्थित रखें - अच्छी हैंडराइटिंग और स्पेसिंग से परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जो पूछा गया है, केवल वही लिखें, अतिरिक्त जानकारी न डालें। शांत दिमाग से पेपर हल करने पर बेहतर परिणाम मिलते हैं।
