राजस्थान स्टेनोग्राफर भर्ती विवाद: हाई कोर्ट ने मेरिट लिस्ट को किया खारिज
राजस्थान स्टेनोग्राफर भर्ती विवाद
महत्वपूर्ण निर्णय: राजस्थान में स्टेनोग्राफर और व्यक्तिगत सहायक (ग्रेड-II) की भर्ती से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने इस भर्ती प्रक्रिया की पूरी मेरिट लिस्ट को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने देखा कि भर्ती प्रक्रिया के नियमों में गलत तरीके से बदलाव किया गया था, जिससे मेरिट लिस्ट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
मामले का पूरा विवरण
यह मामला स्टेनोग्राफर और व्यक्तिगत सहायक (ग्रेड-II) की भर्ती से संबंधित है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 444 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया में एक लिखित परीक्षा और एक कौशल परीक्षण शामिल था। हालांकि, बाद में भर्ती नियमों में संशोधन किया गया, जिसके कारण प्रभावित उम्मीदवारों ने न्यायालय में याचिका दायर की।
याचिकाकर्ताओं का तर्क
याचिकाकर्ताओं ने तर्क किया कि मूल नियमों के अनुसार, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को 20% तक की त्रुटि की अनुमति थी, जबकि SC/ST श्रेणी के उम्मीदवारों को 25% तक की छूट दी गई थी। लेकिन भर्ती बोर्ड ने सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को अतिरिक्त 5% छूट दी, जिससे कम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को अवसर मिला और मेरिट लिस्ट की अखंडता प्रभावित हुई।
न्यायालय का निर्णय
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद शर्मा की एकल पीठ द्वारा की गई। न्यायालय ने कहा कि चयन प्रक्रिया के बीच में नियमों में बदलाव करना अनुचित है और यह निष्पक्षता के सिद्धांतों को कमजोर करता है। इसी आधार पर, न्यायालय ने अस्थायी और अंतिम मेरिट लिस्ट दोनों को रद्द कर दिया।
नई मेरिट लिस्ट तैयार करने का आदेश
न्यायालय ने भर्ती बोर्ड को 45 दिनों के भीतर एक नई मेरिट लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से और स्थापित नियमों के अनुसार संचालित किया जाना चाहिए।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान क्या हुआ?
इस भर्ती परीक्षा का आयोजन 29 जून, 2025 को किया गया था। न्यायालय के समक्ष यह प्रस्तुत किया गया कि 444 पदों के लिए पहले से ही 643 योग्य उम्मीदवार उपलब्ध थे। इसके बावजूद, 904 उम्मीदवारों को दस्तावेज़ सत्यापन के लिए बुलाया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
