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यूपी कैबिनेट ने जेएस यूनिवर्सिटी के परिसमापन को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश की कैबिनेट ने जेएस यूनिवर्सिटी के परिसमापन को मंजूरी दी है, जो फर्जी डिग्रियों के मामले में की गई है। इस निर्णय के तहत, सभी विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के अधीन रखे जाएंगे। इसके साथ ही, ग्रेटर नोएडा में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ऑफ-कैंपस की स्थापना के लिए अनुमति पत्र जारी करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया है। यह कदम पश्चिम यूपी और एनसीआर में उच्च शिक्षा के नए अवसरों का सृजन करेगा।
 
यूपी कैबिनेट ने जेएस यूनिवर्सिटी के परिसमापन को दी मंजूरी

जेएस यूनिवर्सिटी का परिसमापन



उत्तर प्रदेश की कैबिनेट बैठक में फर्जी डिग्रियों के मामले में जेएस यूनिवर्सिटी के परिसमापन को मंजूरी दी गई है। परिसमापन के बाद, सभी विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के अधीन रखे जाएंगे।


कैबिनेट की महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। एक ओर, योगी कैबिनेट ने शिकोहाबाद (फिरोजाबाद जिला) की जेएस यूनिवर्सिटी के परिसमापन को मंजूरी दी, वहीं दूसरी ओर, ग्रेटर नोएडा में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ऑफ-कैंपस केंद्र के संचालन के लिए अनुमति पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी।


फर्जी डिग्रियों पर सख्त कार्रवाई

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जेएस यूनिवर्सिटी के परिसमापन के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि जांच में यह सामने आया कि विश्वविद्यालय ने बी.पी.एड. पाठ्यक्रम के लिए फर्जी और पूर्व-तारीख वाले मार्कशीट और डिग्रियाँ जारी की थीं। इनका उपयोग राजस्थान फिजिकल एजुकेशन टीचर भर्ती परीक्षा-2022 में चयनित उम्मीदवारों द्वारा किया गया।


राजस्थान पुलिस की जांच, चांसलर और रजिस्ट्रार की गिरफ्तारी, और सरकारी स्तर पर गठित जांच समितियों की रिपोर्टों ने इस मामले में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया।


कानून के विभिन्न धाराओं का उल्लंघन

मंत्री ने बताया कि जेएस यूनिवर्सिटी ने डिग्रियाँ देने के अधिकार का दुरुपयोग, फर्जी मार्कशीट और डिग्रियों का वितरण, आवश्यक भूमि मानकों का पालन न करना, और उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद को अनिवार्य विवरण प्रदान न करने जैसे कई धाराओं का उल्लंघन किया है।


इन सभी तथ्यों के मद्देनजर, योगी सरकार ने जेएस यूनिवर्सिटी के परिसमापन का निर्णय लिया। परिसमापन के बाद, सभी विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के अधीन रखे जाएंगे।


पश्चिम यूपी और एनसीआर में उच्च शिक्षा के नए अवसर

कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसमें ग्रेटर नोएडा में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ऑफ-कैंपस की स्थापना का प्रस्ताव मंजूर किया गया।


इस ऑफ-कैंपस के संचालन के लिए अनुमति पत्र (एलओपी) जारी करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। इसका आरंभ पश्चिम उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसरों का सृजन करेगा, जिससे छात्रों को अपने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।