मां-बेटे की जोड़ी ने एक साथ हासिल की डेटा साइंस में डिग्री
एक नई शुरुआत की कहानी
गुजरात के भरूच में 16 वर्षों तक इलेक्ट्रॉनिक्स पढ़ाने वाली 45 वर्षीय जिगीषा टेलर ने 2019 में पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते अपनी नौकरी छोड़ दी। 2021 में उनके 18 वर्षीय बेटे आदित्य ने आईआईटी मद्रास के ऑनलाइन 'बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशन' कोर्स में दाखिला लिया। बेटे को पढ़ते हुए देखकर और उसके प्रोत्साहन से, जिगीषा ने 2022 के अंत में उसी कोर्स में एडमिशन लिया। इस प्रकार, मां-बेटे की जोड़ी ने किचन की टेबल को अपनी पढ़ाई का स्थान बना लिया।
प्रतिस्पर्धा और समर्थन
गणित और सांख्यिकी जैसे विषयों को लंबे समय बाद दोबारा सीखना जिगीषा के लिए चुनौतीपूर्ण था। वह सुबह 4:30 बजे उठकर 7:00 बजे तक पढ़ाई करती थीं, इसके बाद घर के कामों में जुट जाती थीं। रिश्तेदारों ने उनकी उम्र को लेकर सवाल उठाए, लेकिन उनके प्रोफेसर पति और ससुराल वालों का समर्थन उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा। इस दौरान, मां और बेटे ने सहपाठी के रूप में एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा भी की, जहां 'S' और 'A' ग्रेड लाने की होड़ लगी रहती थी।
सफलता का पल
आदित्य ने 2024 में अपनी बीएस डिग्री पूरी की और 'सिंजेन्टा' में डेटा साइंस इंजीनियर के रूप में नौकरी प्राप्त की। वहीं, जिगीषा ने भी उसी समय अपना डिप्लोमा पूरा किया। दीक्षांत समारोह के दिन, दोनों अलग-अलग सेक्शन में बैठे थे क्योंकि उनके कोर्स अलग थे। लेकिन एक सहपाठी की पहल पर प्रशासन ने उन्हें एक साथ मंच पर डिग्री लेने के लिए आमंत्रित किया, जिसे जिगीषा ने एक चमत्कार की तरह अनुभव किया।
