मध्य पूर्व में तनाव का भारतीय छात्रों की शिक्षा पर प्रभाव
मध्य पूर्व में तनाव और शिक्षा पर प्रभाव
मध्य पूर्व के कई क्षेत्रों में चल रहे तनाव और सैन्य गतिविधियों का सामान्य जीवन पर स्पष्ट प्रभाव पड़ रहा है। सुरक्षा चिंताओं के कारण कई स्थानों पर सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, और शैक्षणिक संस्थान अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। इस स्थिति का भारतीय समुदाय और वहां रहने वाले उनके बच्चों की शिक्षा पर भी असर पड़ा है।
कम ही लोग जानते हैं कि खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में भारत के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध स्कूल संचालित होते हैं। ये स्कूल भारतीय छात्रों की एक बड़ी संख्या को शिक्षा प्रदान करते हैं, जिनकी पढ़ाई वर्तमान स्थिति से प्रभावित हो रही है।
गुल्फ देशों में CBSE स्कूलों की उपस्थिति
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2023 में, प्रमुख मध्य पूर्वी देशों में कुल 217 स्कूल CBSE से संबद्ध हैं। ये सभी संस्थान बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली का पालन करते हैं।
देशवार संख्या इस प्रकार है:
| संयुक्त अरब अमीरात | 106 स्कूल |
| सऊदी अरब | 37 स्कूल |
| कुवैत | 26 स्कूल |
| ओमान | 21 स्कूल |
| कतर | 19 स्कूल |
| बहरीन | 8 स्कूल |
ये संस्थान हजारों छात्रों को नामांकित करते हैं, और इनमें से अधिकांश भारतीय समुदाय द्वारा संचालित होते हैं।
शिक्षण पद्धति और सुविधाएं
इन स्कूलों में शिक्षण पद्धति भारतीय स्कूलों के समान है। कक्षाओं में NCERT की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग किया जाता है, और परीक्षाएं CBSE के दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित की जाती हैं।
कई स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें स्मार्ट कक्षाएं, अच्छी तरह से सुसज्जित पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं और खेल के मैदान शामिल हैं। छात्रों के समग्र विकास के लिए सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का नियमित आयोजन भी किया जाता है।
परीक्षाओं पर प्रभाव
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, CBSE ने 2, 5, और 6 मार्च 2026 को कुछ देशों में निर्धारित परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, और संयुक्त अरब अमीरात में लागू किया गया है। 7 मार्च की परीक्षा के संबंध में निर्णय स्थिति पर निर्भर करेगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कदम एक एहतियाती उपाय के रूप में उठाया गया है। परीक्षाएं रद्द नहीं की गई हैं; नए तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।
