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भारत में शोधकर्ताओं के लिए प्राइम मिनिस्टर रिसर्च चेयर स्कीम 2026 का शुभारंभ

भारत सरकार ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों के लिए प्राइम मिनिस्टर रिसर्च चेयर स्कीम 2026 की घोषणा की है। यह योजना भारतीय मूल के शोधकर्ताओं को प्रमुख विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय संस्थानों से जोड़ने का लक्ष्य रखती है। चयनित उम्मीदवारों को अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएं, वित्तीय सहायता और अकादमिक स्वतंत्रता मिलेगी। इस योजना के तहत हेल्थ, इंजीनियरिंग, और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध होंगे। आवेदन प्रक्रिया 15 जुलाई तक खुली रहेगी।
 

भारत सरकार का नया अवसर

भारत सरकार ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है। उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस योजना का नाम प्राइम मिनिस्टर रिसर्च चेयर स्कीम 2026 है। इसका उद्देश्य भारतीय मूल के उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को देश और विदेश में प्रमुख विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय शोध संस्थानों से जोड़ना है। चयनित उम्मीदवारों को अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएं, आकर्षक वित्तीय सहायता, अकादमिक स्वतंत्रता और शोध के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाएंगे।


इनोवेशन के क्षेत्र में अवसर

इस योजना के अंतर्गत इनोवेशन और रिसर्च के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध होंगे। इनमें स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक विज्ञान और अन्य नवाचार आधारित क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में चयनित शोधकर्ताओं को उन्नत शोध करने और नए समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।


आवेदन करने की प्रक्रिया

इस फेलोशिप के लिए शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को उनके अनुभव के आधार पर तीन श्रेणियों में आवेदन करने का अवसर दिया गया है। पहली श्रेणी युवा शोधकर्ता फेलो की है, जिसमें वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने अपनी PhD पूरी की है और जिनका शोध, शिक्षण या संबंधित क्षेत्र में अनुभव 5 साल से कम है।


दूसरी श्रेणी वरिष्ठ फेलो की है, जिसमें वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिनके पास PhD के बाद 5 से 10 साल का अनुभव है। तीसरी श्रेणी सबसे वरिष्ठ श्रेणी रिसर्च चेयर की है, जिसमें वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिनके पास PhD के बाद 10 साल से अधिक का अनुभव है।


फेलोशिप के लाभ

यह फेलोशिप लगभग 5 साल की अवधि के लिए होती है, जिससे शोधकर्ता बिना किसी रुकावट के अपने प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। चयनित वैज्ञानिकों को IIT, IIMC और CSIR जैसी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में कार्य करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें रिसर्च ग्रांट, फेलोशिप, रिलोकेशन सपोर्ट और आवास जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।


इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में नवाचार और शोध को बढ़ावा देना और उच्च स्तरीय शोध को मजबूत करना है। चयनित उम्मीदवारों को शोध के लिए आवश्यक लैब सुविधाएं, फंडिंग और अकादमिक स्वतंत्रता दी जाएगी।


इसके अलावा, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और प्रमुख संस्थानों में कार्य करने का अवसर भी मिलेगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ काम कर सकेंगे।


आवेदन कैसे करें

शिक्षा मंत्रालय द्वारा PMRC-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन की प्रक्रिया 15 जुलाई तक खुली रहेगी। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले pmrc.education.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।