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फोरेंसिक विज्ञान: भारत में अध्ययन और करियर के अवसर

फोरेंसिक विज्ञान एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो अपराधों की जांच में मदद करता है। यह विज्ञान, तकनीक और तर्क पर आधारित है। भारत में कई प्रतिष्ठित कॉलेज हैं जहाँ फोरेंसिक विज्ञान की पढ़ाई की जाती है। इस लेख में, हम फोरेंसिक विज्ञान के अध्ययन के स्थानों और विशेषज्ञों की भूमिकाओं के बारे में जानेंगे। यदि आप इस क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।
 
फोरेंसिक विज्ञान: भारत में अध्ययन और करियर के अवसर

फोरेंसिक विज्ञान क्या है?



फोरेंसिक विज्ञान एक वैज्ञानिक जांच का उपकरण है, जो तकनीक, तर्क और विज्ञान पर आधारित है। सरल शब्दों में, यह उन छोटे संकेतों का अध्ययन करता है जो अपराध स्थल पर मिलते हैं, जैसे कि उंगलियों के निशान, बाल, नाखून, और रक्त। इन संकेतों की मदद से फोरेंसिक टीमें अपराध की जांच करती हैं और सच्चाई का पता लगाती हैं। यदि आप फोरेंसिक विज्ञान के बारे में और जानना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं कि भारत में इसे कहाँ पढ़ाया जाता है।


भारत में शीर्ष फोरेंसिक कॉलेज

1. लोक नायक जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय अपराध विज्ञान और फोरेंसिक विज्ञान संस्थान, दिल्ली


2. फोरेंसिक विज्ञान संस्थान, मुंबई


3. उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद


4. आईएफएस शिक्षा विभाग, पुणे


5. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश


6. गुजरात फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर


फोरेंसिक विशेषज्ञों के कार्य क्षेत्र

1. केंद्रीय और राज्य फोरेंसिक प्रयोगशालाएँ (CFSL/FSL)


2. अपराध जांच विभाग (CID)


3. इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)


4. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)


5. पुलिस विभाग


6. निजी जासूसी एजेंसियाँ (PDA)


7. साइबर क्राइम सेल (CCC)


8. कोर्ट प्रयोगशाला (CL)


9. अनुसंधान केंद्र


फोरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिकाएँ

1. DRDO/ISRO में अनुसंधान आधारित विशेषज्ञ


2. अपराध स्थल जांचकर्ता


3. साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञ


4. फोरेंसिक वैज्ञानिक


5. फोरेंसिक दस्तावेज विशेषज्ञ


6. फोरेंसिक विष विज्ञान विशेषज्ञ


7. फोरेंसिक बैलिस्टिक्स विशेषज्ञ