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दिल्ली सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% नौकरी आरक्षण की घोषणा की

दिल्ली सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% नौकरी आरक्षण की घोषणा की है, जो उन्हें विभिन्न सरकारी विभागों में सीधी भर्ती का अवसर प्रदान करेगा। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सभी संबंधित विभागों को 30 जून तक भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया है। यह पहल पूर्व अग्निवीरों के सैन्य अनुभव और अनुशासन का लाभ उठाने के लिए की गई है, जिससे दिल्ली की सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
 
दिल्ली सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% नौकरी आरक्षण की घोषणा की

दिल्ली सरकार की नई पहल



दिल्ली सरकार की नौकरी (पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण): पूर्व अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है, जिन्होंने चार वर्षों तक देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए साहस और अनुशासन का प्रदर्शन किया है। दिल्ली सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को नागरिक सेवाओं और रोजगार में शामिल करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब दिल्ली सरकार के चयनित प्रमुख विभागों में सीधी भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को 20% नौकरी आरक्षण प्रदान किया जाएगा। यह आरक्षण मुख्य रूप से ग्रुप सी पदों पर लागू होगा।


दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, उन्होंने सभी संबंधित दिल्ली सरकार के विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे 30 जून तक भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करें। सरकार का मानना है कि इन पूर्व अग्निवीरों का अनुभव—जो कठोर सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस और अनुशासन के माध्यम से विकसित हुआ है—दिल्ली की सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करेगा।


20% आरक्षण के लाभ

दिल्ली सरकार के चार प्रमुख विभागों में आरक्षण:
दिल्ली सरकार की नई आरक्षण नीति उन विशेष फ्रंटलाइन विभागों पर केंद्रित है जहां शारीरिक दक्षता और अनुशासन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। 20% कोटे के तहत, पूर्व अग्निवीरों को निम्नलिखित पदों पर सीधी भर्ती का अवसर मिलेगा:



  • दिल्ली पुलिस: पुलिस कांस्टेबल के पद के लिए आरक्षण।

  • दिल्ली अग्निशामक सेवा: अग्निशामक की भर्ती में इस कोटे का लाभ।

  • जेल विभाग: जेल वार्डर के पद के लिए सीधी भर्ती।

  • पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग: वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक के रूप में तैनाती।


30 जून की समय सीमा

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 30 जून की समय सीमा निर्धारित की:
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस के आयुक्त और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान योजना के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया। उपराज्यपाल ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे भर्ती नियमों में बदलाव के संबंध में सभी प्रक्रियात्मक और प्रशासनिक औपचारिकताएं 30 जून तक पूरी करें, ताकि भर्ती प्रक्रिया में कोई देरी न हो।


अग्निवीरों के कौशल का लाभ उठाना

यह निर्णय क्यों लिया गया?
केंद्र सरकार की नीति है कि इन युवाओं को उनके चार साल के अग्निवीर कार्यकाल के बाद देश में उत्कृष्ट रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं। दिल्ली सरकार का यह कदम इसी पहल का हिस्सा है। उपराज्यपाल ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों के पास सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और संचालन का अनुभव है, जो दिल्ली के फ्रंटलाइन सार्वजनिक संस्थानों को मजबूत करेगा। इन अनुशासित व्यक्तियों का सार्वजनिक सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभागों में शामिल होना संचालन की गुणवत्ता और दक्षता को बढ़ाने की उम्मीद है।


दिल्ली अग्निशामक सेवा में भर्ती की चर्चा से शुरू हुआ सफर

दिल्ली अग्निशामक सेवा में भर्ती की चर्चा से शुरू हुआ सफर:
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों को दिल्ली की सरकारी सेवाओं में शामिल करने की पहल पिछले महीने दिल्ली अग्निशामक सेवा में उनकी भर्ती के संबंध में हुई चर्चाओं से विकसित हुई है। इसे अब एक व्यापक नीति के रूप में औपचारिक रूप दिया गया है, जो निकट भविष्य में पूर्व अग्निवीरों की एक बड़ी संख्या को सीधे लाभान्वित करने की उम्मीद है। चार वर्षों तक सशस्त्र बलों में सेवा देने के बाद, ये युवा अब दिल्ली के लोगों की सुरक्षा और सेवा में योगदान देने में सक्षम होंगे।