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दिल्ली में स्कूलों की सुरक्षा मानकों की जांच: 774 स्कूल असफल

दिल्ली में 'बाल सुरक्षा माह' के तहत 1,677 स्कूलों की जांच की गई, जिसमें 774 स्कूल सुरक्षा मानकों पर असफल पाए गए। इस अभियान का उद्देश्य स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने बताया कि निजी स्कूलों में सबसे अधिक खामियां पाई गई हैं। सभी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी और सुधार के बाद पुनः निरीक्षण किया जाएगा। जानें इस अभियान के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 

दिल्ली में स्कूलों की सुरक्षा की स्थिति



दिल्ली में 'बाल सुरक्षा माह' अभियान के तहत 1,677 स्कूलों की जांच की गई, जिसमें से 774 स्कूल सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे।


इस व्यापक निरीक्षण में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान, निजी स्कूलों में सबसे अधिक कमी पाई गई। जिन स्कूलों में खामियां मिली हैं, उन्हें सुधार करने के लिए निर्देशित किया गया है और अब उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।


जांच की प्रक्रिया और परिणाम

यह निरीक्षण 13 जुलाई से 24 जुलाई के बीच किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जांच 'छात्र सुरक्षा चेकलिस्ट' के आधार पर की गई, जो राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR), और POCSO अधिनियम के दिशा-निर्देशों पर आधारित थी.


774 स्कूलों में खामियां पाई गईं


इस निरीक्षण में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, MCD, NDMC, दिल्ली छावनी बोर्ड और निजी स्कूल शामिल थे। 1,677 स्कूलों में 790 सरकारी, 812 निजी और 75 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल थे। सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित खामियां 270 सरकारी स्कूलों, 463 निजी स्कूलों और 41 सहायता प्राप्त स्कूलों में पाई गईं। अधिकारियों के अनुसार, निजी स्कूलों में सुरक्षा से संबंधित खामियों की संख्या सबसे अधिक थी।


अभियान का उद्देश्य और आगे की योजना

अभियान की शुरुआत


यह अभियान 6 जुलाई को हुई समीक्षा बैठक के बाद शुरू किया गया। बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्कूलों में सुरक्षा मानकों की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए।


सुधार के बाद पुनः निरीक्षण


जिन स्कूलों में सुरक्षा से संबंधित खामियां पाई गई हैं, उन्हें आवश्यक सुधार करने के लिए कहा गया है। सुधार कार्य पूरा होने के बाद, इन स्कूलों का पुनः निरीक्षण किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खामियों को ठीक किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है; वास्तविक सुधार की पुष्टि की जाएगी। निरीक्षण टीमों में अभिभावक प्रतिनिधि, शिक्षा निदेशालय, महिला और बाल विकास विभाग, और दिल्ली पुलिस के अधिकारी शामिल हैं।


सभी स्कूलों की जांच का लक्ष्य

5,633 स्कूलों की जांच


अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों की जांच नहीं हो जाती। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को एक स्थायी प्रणाली का हिस्सा बनाना और सभी शैक्षणिक संस्थानों में जिम्मेदारी, सुरक्षा और तैयारी की संस्कृति को बढ़ावा देना है।