Sainik Schools में प्रवेश प्रक्रिया: जानें महत्वपूर्ण बातें
Sainik Schools में प्रवेश के लिए आवश्यक जानकारी
सैनिक स्कूलों में प्रवेश: यदि आप अपने बच्चे को सैनिक स्कूल में दाखिला दिलाने की सोच रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातें जानना आवश्यक है। सबसे पहले, यह समझना जरूरी है कि सैनिक स्कूल और नए सैनिक स्कूल में क्या अंतर है। वर्तमान में देश में 102 सैनिक स्कूल हैं, जिनमें से 33 को सैनिक स्कूल और 69 को नए सैनिक स्कूल के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
सैनिक स्कूल और नए सैनिक स्कूल के बीच का अंतर
सैनिक स्कूल पूरी तरह से सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा संचालित होते हैं। इन स्कूलों का प्रबंधन रक्षा मंत्रालय और राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। दूसरी ओर, नए सैनिक स्कूल सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत काम करते हैं। ये स्कूल निजी संगठनों, एनजीओ और शैक्षणिक ट्रस्ट द्वारा संचालित होते हैं।
शिक्षा प्रणाली और प्रशिक्षण
सैनिक स्कूलों में शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से सैन्य मॉडल पर आधारित है। NCC, शारीरिक प्रशिक्षण, ड्रिल और अनुशासन सभी सैन्य मानकों के अनुसार होते हैं। नए सैनिक स्कूल कुछ तत्वों को अपनाते हैं, लेकिन वे पूरी तरह से सैन्य मॉडल का पालन नहीं करते। NCC की उपलब्धता भी स्कूल की सुविधाओं पर निर्भर करती है। इन स्कूलों की फीस संरचना भी भिन्न होती है।
सैनिक स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया
सैनिक स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया:
सैनिक स्कूल सोसाइटी वर्तमान में 33 सैनिक स्कूलों और 69 स्वीकृत नए सैनिक स्कूलों में 2026-27 शैक्षणिक वर्ष के लिए प्रवेश करवा रही है। दोनों श्रेणियों के लिए प्रवेश All India Sainik Schools Entrance Examination (AISSEE) के माध्यम से कक्षा 6 और 9 में स्वीकार किए जाते हैं। यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है।
पुराने सैनिक स्कूलों के लिए प्रवेश प्रक्रिया
सभी 33 सैनिक स्कूल जो सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा चलाए जाते हैं, कक्षा 6 और 9 में AISSEE के माध्यम से प्रवेश प्रदान करते हैं। AISSEE के परिणाम घोषित होने के बाद, कक्षा 6 और 9 के लिए ई-काउंसलिंग की जाती है। इसके बाद, स्कूल, लिंग और श्रेणी के अनुसार एक सूची तैयार की जाती है। यह सूची गृह राज्य और अन्य राज्यों में विभाजित की जाती है।
नए सैनिक स्कूलों में प्रवेश के दो मार्ग
नए सैनिक स्कूलों में प्रवेश के लिए दो श्रेणियाँ हैं:
नए सैनिक स्कूलों में प्रवेश प्रणाली थोड़ी अलग और दिलचस्प है। कुल सीटों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में 40% सीटें हैं, जबकि दूसरी श्रेणी में 60% सीटें हैं। पहली श्रेणी में, 40% प्रवेश All India Open Merit List के माध्यम से होगा। यहाँ निवास स्थान या श्रेणी का कोई महत्व नहीं है।
अंतिम प्रवेश प्रक्रिया
श्रेणी बी के तहत, स्कूल 60% सीटों पर अपने छात्रों को प्रवेश देंगे। इसका मतलब है कि 60% सीटें नए सैनिक स्कूल में 5वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। यदि कोई नए सैनिक स्कूल अपनी 60% सीटें भरने में असफल रहता है, तो शेष सीटें स्वचालित रूप से पहली श्रेणी (All India Merit) को आवंटित की जाएंगी।
