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NTET 2026: टीचर बनने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NTET 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह परीक्षा उन लोगों के लिए है जो आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी और होम्योपैथी में टीचर बनना चाहते हैं। आवेदन 11 मार्च 2026 से शुरू हो चुके हैं और परीक्षा 28 अप्रैल 2026 को होगी। जानें आवेदन कैसे करें और परीक्षा के लिए आवश्यक योग्यताएँ क्या हैं।
 
NTET 2026: टीचर बनने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू

NTET 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया

यूनानी, सिद्धा, आयुर्वेद और होम्योपैथी में टीचर बनने की इच्छा रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नेशनल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (NTET) 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 11 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है, और परीक्षा 28 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। इस लेख में, हम आपको इस परीक्षा से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करेंगे।




NTET परीक्षा 2026


यह परीक्षा उन व्यक्तियों के लिए होती है, जो सिद्धा, यूनानी, आयुर्वेद और होम्योपैथी जैसे विषयों में शिक्षक बनना चाहते हैं।




सरल शब्दों में, यदि किसी उम्मीदवार ने इन विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और वह कॉलेज में पढ़ाना चाहता है, तो उसे NTET परीक्षा पास करनी होगी। यह परीक्षा यह सुनिश्चित करने के लिए होती है कि उम्मीदवार शिक्षण के लिए कितने सक्षम हैं।




आवेदन कैसे करें


1. NTA की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in पर जाएं।


2. होमपेज पर NTET 2026 रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।


3. रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन बनाएं।


4. मांगी गई जानकारी भरें।


5. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और फीस का भुगतान करें।


6. फॉर्म सबमिट करने के बाद, इसका प्रिंट आउट निकालकर सुरक्षित रखें।




कौन कर सकता है आवेदन


इस परीक्षा में केवल वे उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं, जिनके पास सिद्धा, यूनानी, आयुर्वेद या होम्योपैथी में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री है। यह डिग्री मान्यता प्राप्त संस्थान से होनी चाहिए और उम्मीदवार को कम से कम 50% अंक प्राप्त करने होंगे। 50% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को क्वालिफाई माना जाएगा।




परीक्षा में उम्मीदवारों की संचार कौशल, शिक्षण कौशल और कक्षा संभालने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। इसके साथ ही यह भी देखा जाता है कि उम्मीदवार छात्रों को कितनी अच्छी तरह समझा सकता है और क्या वह पढ़ाने के नए तरीकों का उपयोग कर सकता है।