NIOS B.Ed. ब्रिज कोर्स 2026: प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण
NIOS B.Ed. ब्रिज कोर्स 2026
महत्वपूर्ण जानकारी: प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षकों के लिए जो B.Ed. डिग्री धारक हैं, उनके लिए एक विशेष 6 महीने का ब्रिज कोर्स शुरू किया जा रहा है। यह कोर्स राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार शुरू किया जा रहा है। यह कोर्स राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा मान्यता प्राप्त है, और सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
NIOS मुख्यालय (नोएडा) के क्षमता निर्माण सेल के उप निदेशक आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इस ब्रिज कोर्स को संचालित करने की सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं, और जल्द ही एक विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
ब्रिज कोर्स के लिए 66,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए
देशभर से कुल 66,154 B.Ed. योग्य शिक्षकों ने इस अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया है। *लाइव हिंदुस्तान* में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक संख्या में शिक्षक आवेदन कर चुके हैं।
राज्यवार आवेदकों की मुख्य जानकारी
उत्तर प्रदेश: 33,640 शिक्षक (देश में सबसे अधिक)
मध्य प्रदेश: 10,650 शिक्षक
बिहार: 7,569 शिक्षक
पश्चिम बंगाल: 6,627 शिक्षक
असम: 1,376 शिक्षक
छत्तीसगढ़: 1,208 शिक्षक
किस शिक्षकों के लिए यह कोर्स अनिवार्य है?
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त B.Ed. योग्य सहायक शिक्षकों के लिए इस ब्रिज कोर्स को पूरा करना अनिवार्य है।
कोर्स को एक वर्ष के भीतर पूरा करना होगा
इस कोर्स की एक प्रमुख शर्त यह है कि इसे आधिकारिक प्रारंभ तिथि से एक वर्ष के भीतर एक ही प्रयास में पूरा करना होगा। यदि कोई शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर कोर्स पास नहीं करता है, तो उनकी नियुक्ति अमान्य घोषित कर दी जाएगी।
शिक्षक प्रशिक्षण के लिए अनुमोदन पहले ही विभिन्न राज्य सरकारों से चार महीने पहले प्राप्त हो चुके थे। हालांकि, कुछ शिक्षकों ने इस ब्रिज कोर्स से छूट की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएँ दायर की थीं। अब जब कोर्ट ने सभी याचिकाओं का निपटारा कर दिया है, तो आगे का रास्ता पूरी तरह से स्पष्ट है।
