Logo Naukrinama

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में शिक्षिका की गिरफ्तारी

NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में एक शिक्षिका की गिरफ्तारी ने सभी को चौंका दिया है। मनीषा मंधारे, जो परीक्षा प्रश्न पत्र तैयार करने वाली समिति का हिस्सा थीं, पर आरोप है कि उन्होंने लीक हुए प्रश्नों को कुछ छात्रों को बेचा। CBI ने इस मामले में मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। जानिए इस घोटाले के पीछे की पूरी कहानी और क्या खुलासे हुए हैं।
 
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में शिक्षिका की गिरफ्तारी

NEET-UG 2026 पेपर लीक का मामला


मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के पेपर लीक से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में शनिवार को पुणे से एक बायोलॉजी लेक्चरर को गिरफ्तार किया है। यह बात विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है कि आरोपी शिक्षिका उस महत्वपूर्ण समिति का हिस्सा थी, जो परीक्षा के प्रश्न पत्र को तैयार करने के लिए जिम्मेदार थी।


मास्टरमाइंड की पहचान

इस मामले की मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे हैं, जो पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी की प्रोफेसर हैं। कॉलेज के सूत्रों के अनुसार, मनीषा पिछले 5-6 वर्षों से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के साथ एक विशेषज्ञ के रूप में जुड़ी हुई थीं। उन्होंने इस वर्ष 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा के लिए बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नों को तैयार करने में भी मदद की थी।


पेपर की बिक्री

जांच एजेंसी के अनुसार, मंधारे ने पेपर सेटिंग टीम का हिस्सा होने के नाते बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नों तक पूरी पहुंच हासिल की। उन्होंने अप्रैल 2026 में पुणे में कुछ गुप्त कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं, जहां उन्होंने कुछ विशेष परीक्षार्थियों को बुलाया। इन कक्षाओं में मंधारे ने लीक हुए प्रश्नों और उनके उत्तरों को छात्रों को बताकर लिखवाया और इसके लिए उन्होंने लाखों रुपये की फीस वसूली। जब 3 मई को परीक्षा हुई, तो वही प्रश्न पेपर में शामिल थे।


पूछताछ में खुलासा

CBI ने बताया कि उन्होंने मामले के मुख्य आरोपी और रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया। कुलकर्णी और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद मनीषा मंधारे की संलिप्तता का खुलासा हुआ।