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NEET UG 2026 परिणाम विवाद: छात्रों के आरोप और NTA की प्रतिक्रिया

NEET UG 2026 के परिणामों को लेकर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके स्कोरकार्ड और OMR शीट में असमानता है। NTA ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि सभी OMR शीट सही हैं और कुछ सोशल मीडिया पर साझा की गई शीट्स को डिजिटल रूप से बदला गया है। छात्रों में से एक, ज्ञानेश्वरी पवार, ने आरोप लगाया कि उनकी OMR शीट अदला-बदली की गई है, जबकि कानपुर की आर्या सिंह ने तकनीकी गड़बड़ी का दावा किया है। NTA ने स्पष्ट किया है कि सभी परिणाम सही हैं और फर्जी OMR शीट बनाना एक दंडनीय अपराध है।
 

NEET UG 2026 परिणाम विवाद



NEET UG 2026 के परिणामों को लेकर छात्रों ने सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कई छात्रों का कहना है कि उनके आधिकारिक स्कोरकार्ड पर दिखाए गए अंक उनके OMR शीट या अंतिम उत्तर कुंजी से मेल नहीं खाते।


राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 पुनः परीक्षा परिणामों के जारी होने के बाद विवाद में घिर गई है। छात्रों का आरोप है कि उनके स्कोर और OMR शीट में असमानता है। आरोपों में OMR शीट के अदला-बदली से लेकर कुछ घंटों में अंक बदलने तक की बातें शामिल हैं। NTA ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि जिन मामलों की जांच की गई है, उनके OMR शीट सही हैं।


NTA का स्पष्टीकरण

NTA के अनुसार, वास्तविक OMR शीट संबंधित उम्मीदवारों के पंजीकृत ईमेल पते पर भेजी गई थीं। एजेंसी का कहना है कि सोशल मीडिया पर जो OMR शीट साझा की जा रही हैं, उनमें से कुछ को डिजिटल रूप से बदला गया है। NTA ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में घोषित परिणाम सही हैं और फर्जी OMR शीट बनाना या साझा करना एक दंडनीय अपराध है।


OMR शीट अदला-बदली का आरोप

महाराष्ट्र के वडवानी की छात्रा ज्ञानेश्वरी पवार ने आरोप लगाया है कि NTA वेबसाइट पर अपलोड की गई OMR शीट उनकी नहीं है। उनके पिता, अनिल कुमार पवार, का कहना है कि उनके पास परीक्षा के दौरान उपयोग किए गए प्रश्न पत्र की मूल प्रति है, जिससे उन्हें विश्वास है कि अपलोड की गई OMR शीट अलग है। परिवार का कहना है कि उन्होंने NTA की आधिकारिक उत्तर कुंजी के खिलाफ अपने उत्तरों की जांच की, जिससे उन्हें लगभग 702 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन आधिकारिक स्कोरकार्ड पर केवल 87 अंक दिखाए गए।


कानपुर की छात्रा का आरोप

कानपुर की छात्रा आर्या सिंह ने भी परिणामों में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी OMR शीट पर प्रश्नों का क्रम प्रारंभ में गलत था, जिसे उन्होंने NTA को सूचित किया था। हालांकि, NTA ने बाद में एक संशोधित OMR शीट प्रदान की, लेकिन उनके अंक नहीं बदले। आर्या का कहना है कि जब उन्होंने 16 जुलाई की मध्यरात्रि को परिणाम देखा, तो उनके अंक 540 थे; लेकिन दो घंटे बाद जब उन्होंने फिर से वेबसाइट पर देखा, तो अंक घटकर 167 हो गए। उन्होंने NTA और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ईमेल किया है और उचित कार्रवाई न होने पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से संपर्क करने की धमकी दी है।


NTA की प्रतिक्रिया


NTA ने सोशल मीडिया पर OMR शीट और अंकों के संबंध में चल रहे दावों का जवाब दिया है। एजेंसी ने कहा है कि उसने उन उम्मीदवारों के रिकॉर्ड की जांच की है जिनके मामले वायरल हुए हैं, और NTA के पास मौजूद मूल OMR शीट पूरी तरह से सही हैं।


NTA का स्पष्टीकरण

NTA ने कहा कि आर्या सिंह की वायरल OMR शीट पर पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर का समय बदल दिया गया था, जबकि लक्ष्या सिंह के मामले में अतिरिक्त उत्तर डिजिटल रूप से जोड़े गए थे। वहीं, अभय यादव द्वारा किए गए दावे भी आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ असंगत पाए गए। NTA ने स्पष्ट किया कि आर्या सिंह के लिए 167, लक्ष्या सिंह के लिए 116, और अभय यादव के लिए 164 अंक सही हैं और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार कोई विसंगति नहीं है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि फर्जी OMR शीट बनाना, उन्हें बदलना या सोशल मीडिया पर साझा करना 2024 के सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।