NCERT को डिम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने की संभावना, शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव
शिक्षा प्रणाली में संभावित बदलाव
देश की शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन जल्द ही देखने को मिल सकता है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को डिम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। यदि यह निर्णय लिया जाता है, तो NCERT केवल स्कूलों के लिए पाठ्यपुस्तकें तैयार करने वाली संस्था नहीं रह जाएगी, बल्कि उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षा नीति, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इस प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी के स्तर पर जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है।
जनवरी के अंत तक निर्णय की उम्मीद
अधिकारियों के अनुसार, NCERT को डिम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। सभी आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं, और अब प्रस्ताव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के समक्ष रखा गया है। उम्मीद है कि इसे अगले UGC बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा, और जनवरी के अंत तक अंतिम निर्णय की घोषणा की जा सकती है। यदि UGC इसे अनुशंसा करता है, तो NCERT को केंद्रीय सरकार की मंजूरी के बाद यह दर्जा प्राप्त होगा।
2023 में आया प्रस्ताव
NCERT के उन्नयन का विचार पहली बार 2023 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रस्तुत किया गया था। उस समय उन्होंने कहा था कि NCERT को एक अनुसंधान-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, और भारत की मजबूत वैश्विक उपस्थिति सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत, NCERT की पारंपरिक भूमिका से परे इसके कार्यों का विस्तार करने पर जोर दिया गया था ताकि इसे उच्च शिक्षा और अनुसंधान का केंद्र बनाया जा सके।
NCERT का स्वरूप कैसे बदलेगा?
डिम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद, NCERT एक पूर्ण शोध विश्वविद्यालय की तरह कार्य कर सकेगा। यह स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी जैसी डिग्रियाँ प्रदान कर सकेगा। इसके साथ ही, आंतरिक शोध कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा, और शिक्षा से संबंधित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। अब तक, NCERT मुख्य रूप से स्कूल शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और पुस्तकें तैयार करने तक सीमित था, लेकिन यह परिवर्तन इसके दायरे को काफी बढ़ा देगा।
फंडिंग और स्वायत्तता
NCERT को शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग से फंडिंग मिलती रहेगी। डिम्ड यूनिवर्सिटी बनने पर, इसे शैक्षणिक स्वायत्तता प्राप्त होगी, जैसे पाठ्यक्रम तय करना, प्रवेश नियम बनाना, और शुल्क संरचना निर्धारित करना। ये संस्थाएँ UGC के नियमों के तहत कार्य करती हैं, जो गुणवत्ता और मानकों की निगरानी सुनिश्चित करती हैं।
