JEE Main और JEE Advanced: जानें दोनों परीक्षाओं के बीच का अंतर
JEE परीक्षा का परिचय
भारत में, संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) हर साल इंजीनियरिंग कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इस प्रक्रिया के तहत, JEE Advanced परीक्षा का आयोजन IIT संस्थानों में प्रवेश के लिए किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि इन दोनों परीक्षाओं में क्या अंतर है? यदि नहीं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी होगी।
इंजीनियरिंग कार्यक्रमों के लिए JEE Main परीक्षा
JEE Main परीक्षा अब साल में दो बार आयोजित की जाती है। पहला सत्र जनवरी में और दूसरा सत्र अप्रैल में होता है। इस परीक्षा में प्राप्त रैंक के आधार पर, छात्र 31 NITs, 26 IIITs, लगभग 26 सरकारी तकनीकी संस्थानों और विभिन्न सरकारी एवं निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।
तीन प्रयासों की अनुमति
छात्रों को JEE Main परीक्षा देने के लिए तीन प्रयास दिए जाते हैं। वे 12वीं कक्षा में एक बार परीक्षा दे सकते हैं और फिर अगले दो वर्षों में दो बार। तीन प्रयासों के बाद, उन्हें परीक्षा देने का कोई और मौका नहीं मिलता।
JEE Advanced परीक्षा के लिए पात्रता
केवल वे छात्र जो JEE Main परीक्षा में उपस्थित हुए हैं और शीर्ष 2.5 लाख उम्मीदवारों में रैंक प्राप्त करते हैं, वे JEE Advanced परीक्षा में बैठने के लिए पात्र होते हैं। इस परीक्षा में प्राप्त रैंक के आधार पर, देश के 23 IIT संस्थानों में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है।
JEE Advanced परीक्षा के लिए केवल दो प्रयासों की अनुमति होती है; छात्र 12वीं कक्षा में एक बार और उसके तुरंत बाद एक बार परीक्षा दे सकते हैं।
कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
JEE परीक्षा में उपस्थित होने के लिए, छात्रों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषयों के साथ 12वीं कक्षा पूरी करनी चाहिए।
JEE परीक्षा CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षण) मोड में आयोजित की जाती है, और इसके लिए 3 घंटे का समय सीमा निर्धारित है।
JEE Main परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है, जबकि JEE Advanced परीक्षा का आयोजन हर साल एक अलग IIT संस्थान द्वारा किया जाता है।
