IIM Sambalpur का 10वां वार्षिक दीक्षांत समारोह: महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि
IIM Sambalpur का दीक्षांत समारोह
ओडिशा में स्थित IIM Sambalpur का 10वां वार्षिक दीक्षांत समारोह शनिवार को धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रबंधन और शोध कार्यक्रमों में कुल 416 छात्रों को डिग्रियाँ प्रदान की गईं। इस वर्ष की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि स्नातक छात्रों में 76 प्रतिशत महिलाएँ थीं, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
इस बैच में 314 छात्र MBA (2024-26) कार्यक्रम से, 39 छात्र Executive MBA (2023-25) कार्यक्रम से, 36 छात्र Executive MBA (2024-26) कार्यक्रम से, 17 छात्र Executive MBA for Working Professionals (2024-26) कार्यक्रम से और 10 पीएचडी शोधार्थी शामिल थे। इस बैच की विशेषता यह थी कि 76 प्रतिशत छात्राएँ थीं, जो संस्थान में लिंग समानता को दर्शाती है।
समारोह में विशिष्ट अतिथि
इस विशेष अवसर पर ओडिशा के राज्यपाल, डॉ. हरि बाबू कंभंपति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इसके अलावा, प्रातिभा मोहापात्रा, एडोब इंडिया की उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, ने सम्मानित अतिथि के रूप में समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रोफेसर चंदन चौधरी और निदेशक प्रोफेसर महादेव प्रसाद जायसवाल भी उपस्थित थे।
उत्कृष्ट छात्रों को स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। श्रीजन चक्रवर्ती, वर्षा समीर मेहर, प्रियंका रथ, और अल्विन फ्रांसिस को चेयरमैन का स्वर्ण पदक मिला। वहीं, चिराग कुंद्रा, एसके आफताबुद्दीन मोहम्मद, राजकिशोर कर, और आलोक शुक्ला को निदेशक का स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। मान्या सिंह को सर्वश्रेष्ठ समग्र प्रदर्शन के लिए IIM Sambalpur स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
संस्थान की उपलब्धियाँ और नवाचार
छात्रों को बधाई देते हुए, निदेशक प्रोफेसर महादेव जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2025-26 संस्थान के लिए प्रगति और नवाचार का समय है। IIM Sambalpur ने NIRF रैंकिंग 2025 में 16 स्थानों की उल्लेखनीय छलांग लगाई है। इसके अलावा, संस्थान अपनी AI-आधारित शिक्षण पद्धति के लिए वैश्विक पहचान प्राप्त कर रहा है।
छात्रों को बदलती दुनिया के लिए तैयार रहना चाहिए
विशिष्ट अतिथि प्रातिभा मोहापात्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की दुनिया तेजी से बदल रही है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे लचीले, संवेदनशील और तैयार रहें। उन्होंने संस्थान के आधुनिक परिसर और इसके विभिन्न नवाचारों की भी सराहना की।
