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CBSE Class 10 Exam Pattern Update for 2028: Key Changes Announced

The CBSE has announced significant changes for the 2028 Class 10 board exams, affecting students currently in Class 9. The new pattern includes five compulsory subjects and an optional skill-based subject, which can aid students in case of failure in core subjects. Additionally, the tenure of the Nandan Nilekani Task Force on examination reforms has been extended until January 2027, focusing on enhancing transparency and establishing secure testing centers. This article delves into the details of these changes and their implications for students.
 

Significant Changes for Class 9 Students


हाल ही में, सीबीएसई बोर्ड के तहत कक्षा 9 में पढ़ रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। 2028 में होने वाली कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में छात्रों को पांच अनिवार्य विषयों (मानक पेपर) में परीक्षा देनी होगी। इसके अतिरिक्त, छात्रों को एक अतिरिक्त कौशल आधारित विषय चुनने का विकल्प भी मिलेगा। यह कौशल विषय तब भी सहायक हो सकता है यदि कोई छात्र गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में असफल होता है।


सीबीएसई बोर्ड की नई परीक्षा प्रणाली

सीबीएसई की घोषणा
सीबीएसई ने नई परीक्षा प्रणाली को स्पष्ट करते हुए, व्यावसायिक शिक्षा के लिए दो मार्गों का उल्लेख किया। छात्रों के पास 'स्कूल-आधारित आकलन' और 'राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाण पत्र' की ओर ले जाने वाली बोर्ड परीक्षा के बीच चयन करने का विकल्प है। यह विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है जो 2026-27 शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9 में हैं और 2028 में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा देंगे।


नंदन नीलकेणी कार्य बल का कार्यकाल बढ़ाया गया

कार्य बल का विस्तार
केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों पर नंदन नीलकेणी की अध्यक्षता में कार्य बल के कार्यकाल को जनवरी 2027 तक बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) इस पैनल की सिफारिशों को अंतिम रूप देने से पहले मुख्यमंत्री और मुख्य सचिवों के साथ परामर्श करने की योजना बना रहा है। यह छह सदस्यीय पैनल NEET-UG विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए गठित किया गया था।


पैनल के मुख्य उद्देश्य

पैनल का मुख्य ध्यान विभिन्न एजेंसियों के बीच परीक्षा की जिम्मेदारियों का वितरण करना, प्रत्येक जिले में सुरक्षित, सरकारी नियंत्रित परीक्षण केंद्र स्थापित करना, और एनटीए, एसएससी, और आईबीपीएस जैसी संस्थाओं के लिए 'सामान्य परीक्षा कैलेंडर' बनाना है ताकि परीक्षा की तिथियों के बीच टकराव से बचा जा सके।