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Agniveers को मिली 2 साल की सेवा विस्तार की सौगात

मोदी सरकार ने अग्निवीरों के लिए 2 साल की सेवा विस्तार की घोषणा की है, जिससे 75% अग्निवीरों को अपने चार साल की सेवा के बाद अतिरिक्त समय मिल सकेगा। यह निर्णय लगभग 18,300 अग्निवीरों के लिए राहत लेकर आया है, जिनकी सेवा 2026 में समाप्त होने वाली है। जानें विस्तार की प्रक्रिया और इसके लाभ के बारे में।
 

सेवा विस्तार की घोषणा



अग्निवीरों के लिए 2 साल की सेवा विस्तार की राह अब साफ हो गई है। अब, 75% अग्निवीर जो अपने प्रारंभिक 4 साल की सेवा के बाद नियमित सेना में नहीं जाएंगे, उन्हें अतिरिक्त 2 साल सेवा करने का अवसर मिलेगा।


मोदी सरकार की पहल

मोदी सरकार ने दीवाली से पहले अग्निवीरों को एक महत्वपूर्ण उपहार दिया है। इस निर्णय की घोषणा केंद्रीय सरकार और रक्षा प्रमुख जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणियन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की, जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी शामिल थे। इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक केंद्रीय कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई, जिससे अग्निवीरों की कुल सेवा अवधि 4 साल से बढ़कर 6 साल हो गई। यह निर्णय लगभग 18,300 अग्निवीरों के लिए राहत लेकर आया है, जिनकी 4 साल की सेवा नवंबर और दिसंबर 2026 के बीच समाप्त होने वाली है।


अग्निवीरों के लिए नया ढांचा

अग्निपथ योजना के तहत, मूल नियमों के अनुसार, केवल 25% अग्निवीरों को 4 साल की सेवा के बाद स्थायी कैडर में शामिल किया जाना था, जबकि शेष 75% को सेवा से मुक्त किया जाना था। लेकिन अब सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीति परिवर्तन करते हुए शेष 75% अग्निवीरों को 2 साल की सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया है।


किसे मिलेगा 2 साल का विस्तार?

सरकार ने 75% अग्निवीरों के लिए 2 साल की सेवा विस्तार की घोषणा की है। हालांकि, इस 2 साल के विस्तार का विकल्प पूरी तरह से अग्निवीरों की इच्छा पर निर्भर करेगा; किसी भी सैनिक पर अतिरिक्त दो साल सेवा जारी रखने का दबाव नहीं डाला जाएगा। जो अग्निवीर 2 साल का विस्तार चुनेंगे, उन्हें इस अवधि के दौरान बढ़ी हुई वेतन और अन्य भत्तों का लाभ मिलेगा।


विस्तार का निर्धारण कैसे होगा?

सरकार और सशस्त्र बलों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अग्निवीरों की स्थायी भर्ती और विस्तार की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी। पिछले चार वर्षों में इन सैनिकों के प्रदर्शन, अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और तकनीकी कौशल का लगातार मूल्यांकन किया गया है, जिसमें बहुत सकारात्मक फीडबैक प्राप्त हुआ है। मौजूदा नीति के अनुसार, 25% शीर्ष प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को सीधे सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। वहीं, 75% जो 2 साल का विस्तार प्राप्त करेंगे, वे भी नियमित सशस्त्र बलों में स्थायी भर्ती के लिए आवेदन करने के योग्य होंगे, बशर्ते वे निर्धारित मानदंडों को पूरा करें और आवश्यक पात्रता परीक्षाओं में उत्तीर्ण हों।


पहले बैच की सेवा अवधि समाप्ति के करीब

अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी। इस पहल के तहत, पहले बैच में लगभग 24,400 अग्निवीरों की भर्ती की गई थी, जिसमें सेना, नौसेना और वायु सेना शामिल हैं। इनमें से लगभग 19,000 अग्निवीर सेना में, 2,850 वायु सेना में और 2,550 नौसेना में भर्ती हुए थे। इनमें से भारतीय नौसेना का पहला बैच 21 नवंबर 2026 को अपनी चार साल की सेवा पूरी करेगा, वायु सेना का बैच 21 दिसंबर 2026 को और सेना का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को अपनी सेवा समाप्त करेगा।