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Agniveers की सेवा अवधि बढ़ाने की योजना और यूपी में 20% आरक्षण

केंद्र सरकार अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि को बढ़ाकर छह साल करने की योजना बना रही है। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण की घोषणा की है। यह आरक्षण पुलिस और सुरक्षा विभागों में मिलेगा, और अग्निवीरों को परीक्षा के बिना सीधे नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभाव।
 

Agniveers की सेवा अवधि में संभावित वृद्धि



केंद्र सरकार 'अग्निवीरों' की चार साल की सेवा अवधि को बढ़ाकर छह साल करने पर विचार कर रही है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य सरकारी नौकरियों में 20% आरक्षण की घोषणा की है।


अग्निवीर सेवा विस्तार की योजना

केंद्र और राज्य सरकारें 'अग्निपथ' योजना के तहत भर्ती किए गए अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही हैं। केंद्र सरकार चार साल की सेवा अवधि को छह साल में बदलने पर विचार कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह भी घोषणा की है कि पूर्व अग्निवीरों को राज्य सरकारी नौकरियों में 20% आरक्षण मिलेगा और उन्हें परीक्षा के बिना सीधी भर्ती का अवसर दिया जाएगा।


अग्निपथ योजना के तहत पहले बैच की सेवा अवधि समाप्त होने को है। भारतीय नौसेना का पहला बैच 21 नवंबर को, भारतीय वायु सेना का बैच 21 दिसंबर को, और भारतीय सेना का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को अपनी सेवा पूरी करेगा।


सेवा विस्तार की संभावनाएं

केंद्र सरकार अग्निवीरों की सेवा अवधि को चार से छह साल तक बढ़ाने की योजना बना रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कितने अग्निवीरों को यह विस्तार मिलेगा। यह भी बताया गया है कि अग्निवीर खुद तय करेंगे कि वे सेवा जारी रखना चाहते हैं या नहीं। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो तीन श्रेणियों के कर्मियों का गठन हो सकता है: चार साल की सेवा अवधि वाले अग्निवीर, विस्तारित सेवा अवधि वाले अग्निवीर, और नियमित कैडर में शामिल स्थायी सैनिक।


उत्तर प्रदेश में अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा विधानसभा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण की घोषणा की। यह आरक्षण पुलिस और सुरक्षा से संबंधित विभागों में दिया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को राज्य सरकारी नौकरियों के लिए किसी भी लिखित या शारीरिक परीक्षा से छूट मिलेगी। उन्हें सीधे नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।