सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में बड़ा बदलाव: मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रिया होगी बंद
सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में नया अपडेट
नई दिल्ली: सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया है कि 2026 से कक्षा 12 की परीक्षा के बाद मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया समाप्त कर दी जाएगी। यह निर्णय बोर्ड के पूर्ण डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव के कारण लिया गया है, जिससे परिणाम तेजी से, पारदर्शी और त्रुटियों से मुक्त होंगे।
कक्षा 12 के मार्क्स वेरिफिकेशन की समाप्ति
डॉ. भारद्वाज ने 13 फरवरी 2026 को एक लाइव वेबकास्ट के दौरान स्कूल प्रिंसिपल्स और शिक्षकों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके कंप्यूटर पर ऑनलाइन जांच की जाएगी। सॉफ्टवेयर स्वचालित रूप से अंक जोड़ने का कार्य करेगा, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना समाप्त हो जाएगी। हालांकि, कक्षा 10 की कॉपियों का मूल्यांकन अभी भी भौतिक रूप में किया जाएगा।
छात्रों को अफवाहों से दूर रहने की सलाह
इस नए प्रणाली के लाभों के बारे में बताते हुए डॉ. भारद्वाज ने कहा कि इससे मूल्यांकन की प्रक्रिया तेज होगी और अधिक शिक्षक, यहां तक कि विदेशी स्कूलों के भी, इसमें शामिल हो सकेंगे। परिणाम जल्दी घोषित होंगे और पोस्ट-रिजल्ट वेरिफिकेशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, क्योंकि डिजिटल प्रक्रिया में गलतियों को प्रारंभ में ही रोका जाएगा।
उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'कृपया छात्रों को सोशल मीडिया का अनुसरण न करने की सलाह दें। उन्हें केवल आत्म-अध्ययन करना चाहिए या शिक्षकों से सहायता लेनी चाहिए।' कई यूट्यूब वीडियो और पोस्ट्स में पेपर लीक या फर्जी प्रश्न पत्र दिखाकर व्यूज बढ़ाए जाते हैं, लेकिन ऐसे दावों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ बैठकें की हैं ताकि फेक न्यूज का प्रसार न हो। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें। ये बदलाव छात्रों के लिए फायदेमंद हैं क्योंकि परिणाम अधिक सटीक और जल्दी मिलेंगे। लेकिन छात्रों को परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि अफवाहों में उलझना चाहिए। बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं, इसलिए सभी छात्रों को आधिकारिक सीबीएसई वेबसाइट और अपने स्कूल से जानकारी लेनी चाहिए।
