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सीबीएसई गणित परीक्षा में वायरल QR कोड ने मचाया हंगामा

सीबीएसई कक्षा 12 की गणित परीक्षा में एक वायरल QR कोड ने छात्रों को हंसने पर मजबूर कर दिया। जब छात्रों ने इस कोड को स्कैन किया, तो उन्हें गणित की जानकारी के बजाय यूट्यूब पर रिक एस्टली का गाना सुनाई दिया। यह मजेदार प्रैंक परीक्षा के तनाव को कम करने का कारण बना। सीबीएसई ने इस घटना पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि परीक्षा सामग्री सही है और सुरक्षा में कोई कमी नहीं आई है। जानें इस मजेदार घटना के बारे में और छात्रों की प्रतिक्रियाएं।
 
सीबीएसई गणित परीक्षा में वायरल QR कोड ने मचाया हंगामा

नई दिल्ली में छात्रों की हंसी का कारण

नई दिल्ली: गणित का नाम सुनते ही कई छात्रों के चेहरे पर चिंता की लकीरें आ जाती हैं। लेकिन हाल ही में एक वायरल वीडियो ने छात्रों को हंसने पर मजबूर कर दिया। 9 मार्च 2026 को आयोजित सीबीएसई कक्षा 12 की गणित परीक्षा के बाद, सोशल मीडिया पर एक अजीब घटना सामने आई। छात्रों ने बताया कि प्रश्नपत्र पर मौजूद सुरक्षा QR कोड को स्कैन करने पर गणित से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली, बल्कि यूट्यूब पर रिक एस्टली का पुराना गाना बजने लगा।


रिकरोल प्रैंक का मजेदार अनुभव

रिकरोल प्रैंक

यह एक क्लासिक इंटरनेट प्रैंक था, जिसे 'रिकरोल' कहा जाता है, जिसने परीक्षा के तनाव के बीच हंसी का माहौल बना दिया। वायरल वीडियो और पोस्ट्स ने यह अफवाह फैलाई कि प्रश्नपत्र में कुछ गड़बड़ है। हालांकि, सीबीएसई ने 10 मार्च को एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। बोर्ड ने बताया कि परीक्षा सामग्री पूरी तरह से सही है और सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं आई है।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का असर

वायरल वीडियो ने मचाया हंगामा

एक्स पर @Nher_who जैसे यूजर्स ने 50 सेकंड का एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक छात्रा पेपर दिखाते हुए QR कोड स्कैन करती है। जैसे ही स्कैन होता है, गाना बजने लगता है और वह हंसते हुए कहती है कि सीबीएसई ने मजाक किया है। इस पोस्ट ने तेजी से वायरल होकर मीम्स की बाढ़ ला दी। कई छात्रों ने इसे परीक्षा के बाद की राहत के रूप में देखा।


रिकरोल प्रैंक की जानकारी

क्या है रिकरोल प्रैंक

‘रिकरोल’ 2007 से इंटरनेट पर एक प्रसिद्ध मजाक है, जिसमें किसी लिंक पर क्लिक करने पर अचानक रिक एस्टली का गाना 'नेवर गोना गिव यू अप' बजता है। यह मजाक लाखों बार दोहराया गया है। परीक्षा पेपर में ऐसा होना छात्रों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि QR कोड आमतौर पर पेपर की सत्यता जांचने के लिए होता है। लेकिन इस बार यह एक मजाक बन गया।


सीबीएसई का स्पष्टीकरण

सीबीएसई का आधिकारिक स्पष्टीकरण

सीबीएसई ने अपने एक्स हैंडल पर एक प्रेस रिलीज जारी की। बोर्ड ने कहा कि कुछ सेट्स में QR कोड स्कैन करने पर यूट्यूब वीडियो खुलने से चिंता हुई। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र असली हैं और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है। मामले को गंभीरता से लिया गया है और भविष्य में ऐसी तकनीकी गलतियों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


छात्रों की प्रतिक्रियाएं

छात्रों की प्रतिक्रियाएं और आगे का रास्ता

इस घटना ने परीक्षा के तनाव में छात्रों को हल्का-फुल्का मनोरंजन प्रदान किया। सोशल मीडिया पर मीम्स और हंसी-मजाक का दौर जारी रहा। सीबीएसई ने आश्वासन दिया कि भविष्य में प्रिंटिंग और QR कोड चेकिंग में और सख्ती बरती जाएगी। अब छात्र अगली परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। यह घटना शिक्षा प्रणाली में तकनीक के उपयोग की चुनौतियों को भी उजागर करती है।