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विश्वकर्मा पूजा पर स्कूलों में छुट्टियों की स्थिति: जानें क्या है नियम

सितंबर में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर छात्रों को छुट्टियों की जानकारी महत्वपूर्ण है। विभिन्न राज्यों में छुट्टियों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। जानें पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में क्या नियम हैं और कब तक छुट्टियां मिलेंगी। इस लेख में हम आपको सभी आवश्यक जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
 

छुट्टियों का मौसम: विश्वकर्मा पूजा


नई दिल्ली: सितंबर में विभिन्न त्योहारों के चलते छात्रों को कई छुट्टियां मिल रही हैं। 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया जाएगा, जिसे विशेष रूप से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी होगी या नहीं, यह हर राज्य और संस्थान के नियमों पर निर्भर करता है।


भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और शिल्प का देवता माना जाता है। इस दिन तकनीकी संस्थानों, कारखानों और स्कूलों की प्रयोगशालाओं में मशीनों और औजारों की पूजा की जाती है। 17 और 18 सितंबर के आसपास छुट्टियों की स्थिति भी भिन्न हो सकती है, इसलिए अभिभावकों और छात्रों को अपने स्कूल या कॉलेज द्वारा जारी सूचना की जांच करना आवश्यक है।


पश्चिम बंगाल में चार दिन की छुट्टी

पश्चिम बंगाल में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन बड़े धूमधाम से किया जाता है। इस वर्ष 17 और 18 सितंबर को कई संस्थानों और राज्य सरकार द्वारा छुट्टी की घोषणा की गई है। इसके बाद 19 और 20 सितंबर को साप्ताहिक अवकाश है, जिससे छात्रों को लगातार चार दिनों की छुट्टी मिल सकती है।


झारखंड और बिहार में छुट्टियों के नियम

झारखंड सरकार के आधिकारिक अवकाश कैलेंडर में 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के लिए सरकारी स्कूलों में छुट्टी का उल्लेख है। निजी स्कूलों में यह निर्णय स्थानीय प्रबंधन पर निर्भर करेगा। बिहार में, 17 सितंबर को राज्य अवकाश कैलेंडर में ऐच्छिक अवकाश के रूप में रखा गया है, इसलिए वहां छुट्टी का अंतिम निर्णय जिला प्रशासन या स्कूल प्रबंधन द्वारा लिया जाएगा।


उत्तर प्रदेश में छुट्टी की स्थिति

उत्तर प्रदेश में विश्वकर्मा पूजा के लिए अनिवार्य सरकारी अवकाश नहीं है। हालांकि, कई तकनीकी विद्यालयों, आईटीआई, इंजीनियरिंग कॉलेजों और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों में इस अवसर पर विशेष पूजा कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं या स्थानीय स्तर पर छुट्टी दी जा सकती है। सामान्य प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई नियमित रूप से चलती रहेगी, जब तक कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कोई अलग आदेश जारी न किया जाए।