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राम मंदिर ट्रस्ट के लिए CEO की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए CEO की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनका साक्षात्कार एक तीन सदस्यीय पैनल द्वारा किया जा रहा है। चयन समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश और अन्य प्रमुख व्यक्ति शामिल हैं। CEO की जिम्मेदारियों में भक्तों के लिए सुविधाओं का प्रबंधन और ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा शामिल है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और अधिक जानकारी।
 

राम मंदिर ट्रस्ट CEO की नियुक्ति प्रक्रिया


राम मंदिर CEO की नियुक्ति 2026: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस महत्वपूर्ण पद के लिए देशभर से प्राप्त आवेदनों में से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। साक्षात्कार एक तीन सदस्यीय पैनल द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं। कुछ साक्षात्कार कल (11 अगस्त) को हुए, जबकि बाकी आज (12 अगस्त) को हो रहे हैं। 13 और 14 अगस्त को रिजर्व तिथियों के रूप में रखा गया है।


चयन समिति के सदस्य

चयन समिति में कौन है?
इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी, और शिर्डी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारी शामिल हैं। यह समिति 6 जुलाई को गठित की गई थी।


शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवार

18 उम्मीदवारों का चयन
राम मंदिर CEO पद के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। प्रारंभ में, आवेदनों और बायोडेटा की जांच की गई, इसके बाद उम्मीदवारों का टेलीफोनिक स्क्रीनिंग किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के बाद, 18 उम्मीदवारों का साक्षात्कार के लिए चयन किया गया।


CEO की जिम्मेदारियाँ

CEO की जिम्मेदारियाँ क्या होंगी?
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की भूमिका केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं होगी। नियुक्त व्यक्ति को आने वाले भक्तों के लिए सुविधाओं का प्रबंधन, स्टाफ और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, मंदिर संचालन को पेशेवर तरीके से चलाना, और संस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना होगा। इसके अतिरिक्त, CEO ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा और समग्र प्रबंधन की देखरेख भी करेंगे।