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महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक और AI का उपयोग करके धोखाधड़ी का मामला

महाराष्ट्र में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक और ChatGPT का उपयोग करके धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्रशासन ने 81 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जो इस धोखाधड़ी में शामिल थे। यह मामला बीड जिले के चौसाला परीक्षा केंद्र से शुरू हुआ, जहां परीक्षा के पेपर को व्हाट्सएप के माध्यम से लीक किया गया और छात्रों को AI से उत्तर प्रदान किए गए। इस घटना ने शिक्षा प्रणाली में गंभीर चिंताओं को जन्म दिया है।
 
महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक और AI का उपयोग करके धोखाधड़ी का मामला

बोर्ड परीक्षा पेपर लीक


बोर्ड परीक्षा पेपर लीक: देशभर में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। सभी शिक्षा बोर्ड ने नकल-मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। लेकिन इस बीच, महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षा 2026 में पेपर लीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबोट, ChatGPT का उपयोग करके धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। इस मामले का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने ChatGPT का उपयोग करके धोखाधड़ी के आरोप में 81 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। यह राज्य में ChatGPT का उपयोग करके धोखाधड़ी का पहला मामला माना जा रहा है।


मामले का विवरण

आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षा का पेपर कैसे लीक हुआ और ChatGPT का उपयोग करके धोखाधड़ी का प्रयास कैसे किया गया? हम जानेंगे कि यह मामला कैसे सामने आया और आगे क्या होगा।


व्हाट्सएप पर पेपर लीक, ChatGPT का उपयोग करके सामूहिक धोखाधड़ी

व्हाट्सएप पर पेपर लीक, ChatGPT का उपयोग करके सामूहिक धोखाधड़ी:
यह पूरा मामला महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSE) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित है। यह मामला महाराष्ट्र के बीड जिले के चौसाला परीक्षा केंद्र से सामने आया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, उड़न दस्ते ने जांच के दौरान पूरे मामले का पता लगाया। रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड परीक्षा का पेपर वितरण के तुरंत बाद व्हाट्सएप के माध्यम से लीक हो गया, और छात्रों को ChatGPT का उपयोग करके समाधान दिए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीड के कुछ केंद्रों के साथ-साथ जलना, छत्रपति संभाजी नगर और नासिक डिवीजन में भी इसी तरह के संदिग्ध मामले बोर्ड के ध्यान में लाए गए हैं।


शिक्षकों की मिलीभगत, निलंबन

शिक्षकों की मिलीभगत, निलंबन:
इस मामले में शिक्षकों की मिलीभगत का खुलासा हुआ है। जांच में पता चला कि शिक्षकों की मदद से परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों में परीक्षा की छवियां व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जा रही थीं। सही उत्तर, जो ChatGPT से प्राप्त किए गए थे, छात्रों को पत्रों या डिजिटल मीडिया के माध्यम से भेजे गए। रिपोर्ट के अनुसार, जांच में कुछ चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए: कुछ स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक और कर्मचारी इस रैकेट को चला रहे थे। जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन ने पेपर और AI द्वारा उत्पन्न उत्तरों के सबूत प्रदान किए। एक विभागीय जांच शुरू की गई है, जिसमें 81 शिक्षकों को निलंबित किया गया है।