प्रिया कुमारी की प्रेरणादायक UPSC यात्रा
प्रिया कुमारी की प्रेरणादायक UPSC यात्रा
प्रिया कुमारी की प्रेरणादायक यात्रा: कुछ सपने ऐसे होते हैं, जिनके रास्ते में कई बाधाएं आती हैं। बिहार की प्रिया कुमारी की कहानी भी इसी तरह की है। पटना के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ उनका सफर पढ़ाई, नौकरी और अंततः UPSC की तैयारी तक पहुंचा। इस दौरान परिवार की ओर से शादी का दबाव और परीक्षा में निरंतर असफलताएं भी आईं। लेकिन प्रिया ने अपने सपनों को परिस्थितियों से बड़ा नहीं होने दिया और प्रयास जारी रखा।
प्रिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से प्राप्त की। वह पढ़ाई में हमेशा से ही उत्कृष्ट रहीं और 12वीं कक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद, उन्होंने कंपनी सेक्रेटरी (CS) की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 21 हासिल की। उनकी मेहनत और उपलब्धियों ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। UPSC की तैयारी शुरू करने के बाद रास्ता कठिन हो गया, लेकिन हर असफलता से उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और तैयारी के तरीके में सुधार किया।
गांव की बेटी ने पढ़ाई में बनाई अलग पहचान
प्रिया कुमारी का संबंध बिहार के पटना के एक गांव से है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल में प्राप्त की। DKT के इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वह गांव की पहली लड़की थीं, जिसने प्राइवेट स्कूल में दाखिला लिया। 12वीं में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बाद, उन्होंने CS की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 21 हासिल की। इन सफलताओं ने उन्हें बड़े लक्ष्यों के लिए आगे बढ़ने का हौसला दिया।
शादी का दबाव था, लेकिन लक्ष्य नहीं छोड़ा
UPSC की तैयारी के दौरान प्रिया को पारिवारिक परंपराओं का सामना करना पड़ा। उनके दादाजी और पिता चाहते थे कि वह शादी करके आगे बढ़ें। फिर भी, प्रिया ने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। उन्होंने परिवार से कहा कि वह अपनी नौकरी से होने वाली आय से अपनी तैयारी का खर्च उठाएंगी। उनकी मां और भाई ने उनका समर्थन किया, जिससे वह अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकीं।
UPSC का सफर प्रिया के लिए आसान नहीं था। पहले प्रयास में उन्होंने बिना पर्याप्त तैयारी के परीक्षा दी। इसके बाद प्रीलिम्स में निरंतर असफलताएं मिलीं। 2023 और 2024 के प्रयासों में वह क्रमशः एक और दो अंकों से पीछे रह गईं।
ढेरों किताबों के बजाय चुनीं सिर्फ 25-30 किताबें
तैयारी के दौरान प्रिया ने अपने अध्ययन के तरीके में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने अपनी पुरानी और जरूरत से ज्यादा किताबें बेच दीं। उनका मानना था कि बहुत ज्यादा अध्ययन सामग्री तैयारी में मदद करने के बजाय बोझ बन रही थी। इसके बाद, उन्होंने लगभग 25-30 मुख्य किताबों को चुना और उन्हीं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने सोशियोलॉजी को ऑप्शनल विषय रखा और स्थिर विषयों की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया। लगातार प्रयासों के बाद, प्रिया की मेहनत रंग लाई। पांचवे प्रयास में उन्होंने UPSC CSE 2025 में 232वीं रैंक हासिल की और इंटरव्यू में 194 अंक प्राप्त किए।
