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प्राइमरी शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स: नौकरी बचाने का सुनहरा मौका

बीएड डिग्री धारक प्राइमरी शिक्षकों को अपनी नौकरी बचाने के लिए 31 जनवरी तक ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया है। यह कोर्स ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग मोड में होगा, जिसमें 90% उपस्थिति अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 से 2023 के बीच नियुक्त शिक्षकों के लिए इस कोर्स को अनिवार्य किया है। जानें इस कोर्स की प्रक्रिया और रजिस्ट्रेशन की स्थिति के बारे में।
 
प्राइमरी शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स: नौकरी बचाने का सुनहरा मौका

प्राइमरी शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स का महत्व

देश में बीएड डिग्री धारक प्राइमरी शिक्षकों को अपनी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए 31 जनवरी तक का समय दिया गया है। यह अवसर उन शिक्षकों के लिए है, जो 28 जून 2018 को NCTE द्वारा जारी नोटिफिकेशन के आधार पर नियुक्त हुए थे। यदि ये शिक्षक पोर्टल पर 6 महीने के ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें अपनी नौकरी बनाए रखने का एक मौका मिलेगा। वर्तमान में, बाद में नियुक्त हुए बीएड डिग्री धारक शिक्षकों को राहत दी गई है। इस लेख में हम इस कोर्स के नियम और प्रक्रिया के बारे में जानकारी साझा करेंगे।


कोर्स का मोड और प्रक्रिया

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और पात्रता शर्तों को पूरा करने के बाद उम्मीदवार का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। साथ ही, उन्हें अध्ययन सामग्री भी प्रदान की जाएगी। यह कोर्स ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग मोड में संचालित होगा, जिसमें लाइव वीडियो लेक्चर शामिल होंगे। इस कोर्स में भाग लेने वाले छात्रों की 90% उपस्थिति अनिवार्य है। इसके बाद, परीक्षा के बाद डाइट गवर्नमेंट इंटर कॉलेज द्वारा असेसमेंट किया जाएगा, जो 10 दिन की अवधि में पूरा होगा।


ब्रिज कोर्स के लिए आवश्यकताएँ

उम्मीदवार को कम से कम 75% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यह ब्रिज कोर्स एक साल के भीतर कई स्तरों की चर्चाओं के बाद तैयार किया गया है, जिसमें प्राइमरी शिक्षकों के लिए सभी आवश्यक घटक शामिल किए गए हैं। यह कोर्स उन उम्मीदवारों के लिए है, जो 28 जून 2018 से लेकर 11 अगस्त 2023 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से पहले बीएड डिग्री धारक प्राइमरी शिक्षकों के पद पर नियुक्त हुए हैं। इसके बाद नियुक्त हुए शिक्षकों पर यह नियम लागू नहीं होगा। यह प्रक्रिया केवल एक बार के लिए है।


राज्यों से रजिस्ट्रेशन की अपील

NCTE के अध्यक्ष के अनुसार, सभी राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे बीएड डिग्री धारक प्राइमरी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए प्रेरित करें।


ब्रिज कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन की स्थिति

वर्तमान में, 69,281 इन-सर्विस प्राइमरी शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। इनमें से उत्तर प्रदेश से 34,602, मध्य प्रदेश से 10,872, बिहार से 8,057, हिमाचल प्रदेश से 487, पश्चिम बंगाल से 6,647 और दिल्ली से 261 शिक्षकों ने आवेदन किया है।


मामले का संक्षिप्त विवरण

एनसीटीई ने 28 जून 2018 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें बीएड डिग्री धारकों को प्राइमरी शिक्षक के लिए योग्य माना गया था। इसके बाद देशभर में नियुक्तियाँ हुईं। प्राइमरी शिक्षकों के संगठन ने इस निर्णय को जोधपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां NCTE के नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया गया। इसके बाद, जिन बीएड डिग्री धारकों को नौकरी मिली थी, उन्होंने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।


सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

11 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा। इसके बाद, यह अपील की गई कि 2018 से 2023 के बीच नियुक्त बीएड डिग्री धारक प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति को बहाल रखा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील को स्वीकार किया और 08 अप्रैल 2024 को निर्देश दिया कि NCTE इन शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स तैयार करे, ताकि प्राइमरी शिक्षकों को आवश्यक शैक्षणिक पद्धतियों की जानकारी मिल सके।