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पाकिस्तान में सिविल सेवा परीक्षा: IAS और IPS की तुलना में

पाकिस्तान में सिविल सेवा परीक्षा (CSS) की प्रक्रिया और इसकी कठिनाई के बारे में जानें। यह परीक्षा भारत की UPSC परीक्षा के समान कठिनाई स्तर पर होती है। जानें कि कैसे उम्मीदवार इस परीक्षा में सफल होते हैं और क्या यह परीक्षा वास्तव में चुनौतीपूर्ण है।
 
पाकिस्तान में सिविल सेवा परीक्षा: IAS और IPS की तुलना में

पाकिस्तान में सरकारी अधिकारियों की परीक्षा



भारत में IAS और IPS अधिकारियों की स्थिति अद्वितीय है। ये सरकारी कर्मचारी देश की प्रशासनिक रीढ़ माने जाते हैं। इनकी जिम्मेदारियों में प्रभावी नीतियों का कार्यान्वयन, प्रशासन का संचालन और कानून-व्यवस्था बनाए रखना शामिल है। इन अधिकारियों का चयन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पड़ोसी पाकिस्तान में शीर्ष स्तर के सरकारी अधिकारी कैसे बनते हैं? क्या वहां की परीक्षाएं हमारी तरह कठिन हैं? आइए जानते हैं -


पाकिस्तान में अधिकारी बनने के लिए कौन सी परीक्षा आवश्यक है?


भारत की तरह, पाकिस्तान में भी एक सिविल सेवा परीक्षा होती है, जिसे केंद्रीय उच्च सेवा (CSS) कहा जाता है। यह परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (FPSC) द्वारा आयोजित की जाती है। इसके अलावा, पड़ोसी देशों में, PAS (पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा) IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) का स्थान लेती है, और PSP (पुलिस सेवा पाकिस्तान) IPS (भारतीय पुलिस सेवा) का स्थान लेती है।


CSS परीक्षा कैसी होती है?


पाकिस्तान में CSS परीक्षा हर साल आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों की आयु 21 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाती है: एक लिखित परीक्षा और एक साक्षात्कार। FPSC की परीक्षा में 12 विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है, जिनमें से छह अनिवार्य और छह वैकल्पिक होते हैं। आवश्यक स्कोर 1200 में से 600 है।


उम्मीदवार इस परीक्षा को अधिकतम तीन बार दे सकते हैं। यह परीक्षा भारत की UPSC परीक्षा के समान कठिन मानी जाती है। 2019 में, 14,521 उम्मीदवारों ने CSS परीक्षा दी, जिनमें से केवल 214 सफल हुए। यह आंकड़ा दर्शाता है कि पाकिस्तान में सिविल सेवा परीक्षा पास करना भी आसान नहीं है।