डिग्री के बिना अमेरिका में करियर की नई संभावनाएँ
महंगाई के चलते बदलते करियर के मानदंड
नई दिल्ली: अमेरिका में शिक्षा की बढ़ती लागत और जीवन यापन के खर्चों ने छात्रों को अपने करियर के विकल्पों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। पहले, अमेरिका में सफल करियर का मतलब कॉलेज डिग्री होना था, लेकिन अब यह धारणा बदल रही है। भारतीय छात्र भी बड़ी संख्या में अमेरिका में पढ़ाई के लिए जाते हैं, लेकिन महंगाई और डिग्री की लागत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
डिग्री के बिना भी करियर की ऊँचाइयाँ
अमेरिका में कई उद्योगों में डिग्री के बिना भी अच्छी सैलरी मिल रही है। उदाहरण के लिए, एलीवेटर और एस्केलेटर इंस्टॉलर व रिपेयरर जैसे पेशे में सालाना लगभग 95.75 लाख रुपये तक कमाई हो सकती है। यह पेशा तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण पर आधारित है। इसी तरह, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजर भी 91.64 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यह बदलाव अमेरिका में रोजगार के परिदृश्य को नया रूप दे रहा है।
तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण का महत्व
इलेक्ट्रिकल पावर-लाइन इंस्टॉलर और एयरक्राफ्ट मैकेनिक जैसे तकनीकी पेशों में भी डिग्री की आवश्यकता नहीं होती। बस विशिष्ट प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन से काम चल जाता है। एयरक्राफ्ट मैकेनिक सालाना 71.10 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यह दर्शाता है कि आज कौशल, अनुभव और तकनीकी ज्ञान के कारण भी कमाई के नए दरवाज़े खुल रहे हैं।
सुरक्षा और जांच के क्षेत्र में अवसर
डिटेक्टिव और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेटर जैसे पेशों में भी डिग्री की आवश्यकता नहीं है। यहाँ सालाना वेतन 69.42 लाख रुपये तक हो सकता है। इसी तरह, लोकोमोटिव इंजीनियर, यानी रेल इंजन ड्राइवर भी 67.92 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यह बदलती नौकरी की परिभाषा को दर्शाता है जिसमें अनुभव, प्रशिक्षण और उपयुक्त कौशल प्राथमिकता पा रहे हैं।
सेवा और प्रबंधन क्षेत्र के विकल्प
फ्लाइट अटेंडेंट, फूड सर्विस मैनेजर, और प्रॉपर्टी मैनेजर जैसे पेशे भी डिग्री के बिना अच्छे पैकेज प्रदान कर रहे हैं। फ्लाइट अटेंडेंट 60.31 लाख रुपये तक, जबकि प्रॉपर्टी मैनेजर 59.92 लाख रुपये तक सालाना कमा सकते हैं। यह दिखाता है कि सेवा क्षेत्र में कौशल आधारित भूमिकाएँ भी उच्च सैलरी देने लगी हैं।
अन्य उच्च सैलरी वाले पेशे
भारी वाहन और मोबाइल उपकरण सर्विस तकनीशियन, एथलीट, शेफ और हेड कुक जैसे पेशे भी लाखों में सैलरी दे रहे हैं। ये पेशे अनुभव, पेशेवर कौशल और प्रशिक्षण पर आधारित हैं। इनमें से कई में नियुक्ति के लिए कुछ कार्य अनुभव की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन डिग्री की आवश्यकता नहीं है। यह युवा पेशेवरों के लिए नई उम्मीद जगाता है।
