खेल और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
खेल और शिक्षा का समन्वय
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को एक निशानेबाजी अकादमी में खिलाड़ियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से खेल और शारीरिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने का कार्य किया है।
प्रधान ने मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ मिलकर खिलाड़ियों से संवाद किया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
कौशल विकास की दिशा में कदम
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में कौशल आधारित कार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।" इसके साथ ही, खेल और शिक्षा को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए एक नया पाठ्यक्रम विकसित किया जा रहा है।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि खिलाड़ियों की 'अपार आईडी' के माध्यम से उनकी शैक्षणिक और खेल उपलब्धियों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, अंतर-खेल गतिविधियों को भी क्रेडिट स्कोर से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
खेल कोटा की शुरुआत
प्रधान ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में खेल कोटा की शुरुआत की है। उन्होंने कहा, "हमें अगले 20 वर्षों में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना है, और वर्ष 2036 के ओलंपिक हमारे लक्ष्य का हिस्सा हैं।"
इससे पहले, प्रधान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके निवास पर मुलाकात की। उन्होंने कहा, "जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत एक विकसित राष्ट्र और वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभरेगा।"
राज्य सरकार की पहल
बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव ने प्रधान को बाबा महाकाल की प्रतिकृति भेंट की। बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा क्षेत्र की विभिन्न पहलों, नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन और कौशल विकास गतिविधियों की जानकारी दी।
प्रधान ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल शिक्षण और रोजगारोन्मुख कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है।
