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कैसे करें करियर बर्नआउट से बचाव: जानें महत्वपूर्ण टिप्स

आजकल के युवा करियर बर्नआउट का सामना कर रहे हैं, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस लेख में, हम आपको बर्नआउट से बचने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स प्रदान कर रहे हैं। कार्य-जीवन संतुलन, 'हसल कल्चर' से बचाव, छोटे ब्रेक का महत्व, प्राथमिकताओं को समझना, और शौक के लिए समय निकालना जैसे उपायों के माध्यम से आप अपने करियर को सुरक्षित रख सकते हैं। जानें कैसे ये सरल बदलाव आपके जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
 
कैसे करें करियर बर्नआउट से बचाव: जानें महत्वपूर्ण टिप्स

करियर बर्नआउट से बचाव



करियर बर्नआउट की रोकथाम: आजकल, 25 से 30 वर्ष के युवा एक अजीब तरह की थकान का अनुभव कर रहे हैं। यह थकान केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक भी है। करियर की शुरुआत में बहुत कुछ हासिल करने की चाह और काम से लगातार जुड़े रहने की मजबूरी उन्हें बर्नआउट की ओर धकेल रही है। बर्नआउट का मतलब है काम के प्रति उत्साह खो देना और मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करना। यदि सोमवार की सुबह भारी लगती है या ऑफिस का नाम सुनते ही चिड़चिड़ापन महसूस होता है, तो यह एक चेतावनी है।


वास्तव में, हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ 'व्यस्त' होना सफलता के समान माना जाता है। लेकिन बिना रुके दौड़ते रहना आपके करियर की उम्र को कम कर देता है। 30 वर्ष से पहले बर्नआउट का अनुभव करना आपके भविष्य को प्रभावित कर सकता है। अच्छी बात यह है कि इसे रोकना बहुत मुश्किल नहीं है। आपको बस अपनी आदतों और कार्यशैली में कुछ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव करने की आवश्यकता है। मानसिक थकान से बचने के लिए कुछ विशेष टिप्स जानें।


करियर बर्नआउट से कैसे बचें?
करियर बर्नआउट से बचना आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। यदि आप 30-35 वर्ष की आयु में अपने काम से थकान महसूस करने लगते हैं, तो आगे का रास्ता बहुत कठिन हो जाएगा। यहाँ करियर बर्नआउट से बचने के लिए कुछ विशेष टिप्स दिए गए हैं:


1. कार्य-जीवन संतुलन
समय सीमा निर्धारित करें: ऑफिस का काम खत्म होने के बाद अपने लैपटॉप को बंद कर दें।
सूचनाएँ: घर आने के बाद कार्य समूहों और ईमेल के लिए सूचनाएँ बंद करने की आदत डालें।
स्पष्ट सीमाएँ: अपने सहकर्मियों को विनम्रता से सूचित करें कि आप ऑफिस के बाद उपलब्ध नहीं रहेंगे।


2. 'हसल कल्चर' के जाल में न फँसें
इसे एक मैराथन के रूप में सोचें: करियर एक लंबी दौड़ है; इसे एक दिन में जीतने की कोशिश न करें।
स्वयं की तुलना न करें: दूसरों की 'दिखावटी सफलता' को देखकर खुद पर दबाव न डालें।
आराम आवश्यक है: याद रखें कि आराम करना आलस्य नहीं है, बल्कि अगले दिन के लिए खुद को रिचार्ज करने का एक तरीका है।


3. छोटे ब्रेक का लाभ उठाएँ
पोमोडोरो तकनीक: हर 50 मिनट काम करने के बाद 5-10 मिनट का ब्रेक लें। अपने डेस्क से उठें और थोड़ी देर टहलें।
दोपहर का भोजन: अपने डेस्क से दूर और बिना फोन के शांति से भोजन करें।
साप्ताहिक छुट्टी: हर सप्ताह कम से कम एक दिन पूरी तरह से काम से छुट्टी लें।


4. अपनी प्राथमिकताओं को समझें
टू-डू सूची: हर सुबह, 3 सबसे महत्वपूर्ण कार्य चुनें जिन्हें पूरा करना आवश्यक है। बाकी को कल के लिए छोड़ना सीखें।
'नहीं' कहना सीखें: यदि आपके पास पहले से ही बहुत काम है, तो अतिरिक्त कार्यों को मना करना सीखें। यह कमजोरी का नहीं, बल्कि ईमानदारी का संकेत है।


5. शौक और स्वास्थ्य के लिए समय निकालें
शौक: सुनिश्चित करें कि आप कुछ ऐसा करें जो आपको पसंद हो (जैसे पेंटिंग, खाना बनाना, या खेल खेलना)।
व्यायाम: शारीरिक गतिविधि तनाव को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है।
नींद: कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लें; यह आपके मस्तिष्क के लिए सबसे अच्छी दवा है।
इन छोटे बदलावों को अपने जीवनशैली में शामिल करके, आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं।