उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षक भर्ती की नई तिथियाँ घोषित
महत्वपूर्ण अपडेट: शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन तिथियों में बदलाव
उत्तर प्रदेश में सरकारी सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में प्रधानाध्यकों और सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। तकनीकी समस्याओं के कारण पहले निर्धारित ऑनलाइन आवेदन तिथियों में बदलाव किया गया है। सर्वर की समस्याओं के कारण आवेदन पोर्टल समय पर कार्य नहीं कर सका, जिसके चलते विभाग को आवेदन कार्यक्रम में संशोधन करना पड़ा। अब उम्मीदवार नए निर्धारित तिथियों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे, जिससे सभी उम्मीदवारों को पर्याप्त समय और सुविधा मिलेगी। यह बदलाव उन लाखों युवाओं के लिए राहत की बात है, जो पिछले कई महीनों से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे।
आवेदन तिथियों में बदलाव का कारण
जूनियर हाई स्कूल प्रधान और सहायक शिक्षक चयन परीक्षा 2021 के संशोधित परिणाम 6 सितंबर 2022 को जारी किए गए थे। इन परिणामों के आधार पर चयन और नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक किए जाने थे। हालांकि, सर्वर में बार-बार तकनीकी समस्याओं के कारण आवेदन प्रक्रिया को रोकना पड़ा। इसी कारण से माध्यमिक शिक्षा विभाग ने आवेदन तिथि को बढ़ाने का निर्णय लिया।
कितने पद भरे जाएंगे?
राज्य के गैर-सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में कुल 1,262 पदों के लिए सीधी भर्ती की जाएगी। इनमें 240 पद हिंदी, 145 अंग्रेजी, 99 संस्कृत, 455 विज्ञान और गणित, और 314 सामाजिक विज्ञान के लिए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया राज्य के सहायता प्राप्त स्कूलों में लंबे समय से चल रही स्टाफ की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
2026 तक संभावित रिक्त पदों की जानकारी
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिलों से 31 मार्च 2026 तक संभावित रिक्त पदों की जानकारी जल्द से जल्द प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है। इससे भविष्य की भर्तियों के लिए सटीक मांग सुनिश्चित की जा सकेगी और भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी होगी।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
माध्यमिक शिक्षा के निदेशक, डॉ. महेंद्र देव ने निर्देश दिया है कि चयन आयोग को रिक्त पदों की सटीक और पूर्ण जानकारी समय पर प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सीधी भर्ती पदों के लिए मांग में शामिल होने का प्रमाणपत्र दो दिनों के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित होगा।
