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अंकित मिश्रा की प्रेरणादायक यात्रा: संघर्ष से सफलता तक

अंकित मिश्रा की यात्रा एक प्रेरणादायक कहानी है, जो चाय बेचने वाले परिवार से क्लास 1 गैजेटेड ऑफिसर बनने तक फैली है। एक पारिवारिक शादी में अपमानित होने के बाद, अंकित ने समाज की सोच बदलने का संकल्प लिया। कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से UPSC CAPF परीक्षा में सफलता प्राप्त की। जानें उनकी संघर्ष और सफलता की कहानी, जो युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
 

अंकित मिश्रा की प्रेरणादायक यात्रा


अंकित मिश्रा की प्रेरणादायक यात्रा: कभी-कभी एक छोटी सी घटना किसी व्यक्ति की पूरी दिशा को बदल देती है। रांची के अंकित आशीष मिश्रा के साथ भी ऐसा ही हुआ। एक पारिवारिक शादी में उन्हें और उनके माता-पिता को केवल इसलिए निमंत्रण नहीं मिला क्योंकि वे चाय बेचते थे। इस अपमान ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया और उन्होंने ठान लिया कि वे अपनी मेहनत से ऐसी स्थिति में पहुंचेंगे, जहां समाज का दृष्टिकोण बदल सके। आज, 23 वर्ष की आयु में, अंकित क्लास 1 गैजेटेड ऑफिसर हैं और उन्होंने 2025 की UPSC CAPF परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 236 प्राप्त की है।


बिना पक्के घर में पढ़ाई

अंकित के पिता एक निजी स्कूल में शिक्षक थे, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उनके पास अपना पक्का घर भी नहीं था। अंकित ने हमेशा पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन किया और 10वीं कक्षा में जिला टॉपर बने। इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन 11वीं में 94 प्रतिशत अंक लाकर उन्होंने अपनी हिम्मत बढ़ाई।


वह शादी, जिसका न्योता नहीं आया

अंकित बताते हैं कि उनके परिवार को आर्थिक स्थिति के आधार पर आंका गया। एक पारिवारिक शादी में उन्हें और उनके माता-पिता को निमंत्रण नहीं मिला, क्योंकि वे चाय बेचते थे। इस अपमान ने उन्हें झकझोर दिया और उन्होंने ठान लिया कि वे अपनी मेहनत से समाज की सोच को बदलेंगे। यह घटना उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ बन गई। उन्होंने अपनी संघर्ष की कहानी जोशटॉक के एक वीडियो में साझा की है, जो उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो साधनों की कमी के बावजूद सफलता की तलाश कर रहे हैं।


नौकरी गई, तो ठेले का सहारा

कोविड के दौरान परिवार पर एक और संकट आया जब पिता की नौकरी चली गई। इस कठिनाई के बावजूद, अंकित ने हार नहीं मानी और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। अपनी छोटी सी बचत से उन्होंने पिता को चाय का ठेला लगाने में मदद की। पढ़ाई और ट्यूशन के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने जिम्मेदारियों को निभाया।


पिकनिक छोड़, किताबों से दोस्ती

हालात कठिन थे, लेकिन अंकित का सपना बड़ा था। कॉलेज के दौरान उन्होंने दोस्तों के साथ पिकनिक छोड़कर पूरी मेहनत UPSC की तैयारी में लगा दी। वह दिल्ली गए और पुराने नोट्स और किताबों से अपनी पढ़ाई की कमी को पूरा किया। उनका अनुशासन इतना मजबूत था कि उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी को साथ-साथ संभाला।


7 अंक से चूके, फिर मिली मंजिल

पहला प्रयास आसान नहीं था और वह केवल 7 अंकों से फाइनल सिलेक्शन से चूक गए। चोट लगने के बावजूद, उन्होंने फिजिकल टेस्ट में पूरी मेहनत की। पिता का दर्द और संघर्ष उन्हें और मजबूत बनाता रहा। अंततः, 2025 की UPSC CAPF परीक्षा में AIR 236 लाकर उन्होंने 23 वर्ष की आयु में क्लास 1 गैजेटेड ऑफिसर बनने का सपना पूरा किया।