उत्तराखंड में छात्रों को टैबलेट खरीदने के लिए मिलेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री की नई घोषणा
उत्तराखंड की राज्य सरकार ने कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राजकीय स्कूलों के छात्रों को टैबलेट खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से योग्य छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
लाभार्थियों की पहचान
सरकार के अनुसार, यह सहायता केवल उत्तराखंड के राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई में डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता को बढ़ाना और तकनीक के माध्यम से नए शैक्षणिक अवसर प्रदान करना है।
हालांकि, सहायता राशि की सटीक राशि और पात्रता से संबंधित विस्तृत जानकारी अभी तक साझा नहीं की गई है।
DBT के माध्यम से सहायता
इस योजना के तहत, सरकार सीधे छात्रों को टैबलेट नहीं देगी, बल्कि उनके बैंक खातों में DBT के जरिए राशि भेजेगी। छात्र इस राशि का उपयोग टैबलेट खरीदने के लिए कर सकेंगे।
फिलहाल, योजना के लिए रजिस्ट्रेशन, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। छात्रों को इसके लिए आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार करना होगा।
छात्रों के सुझावों की संख्या
मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस अभियान में 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने विचार और सुझाव साझा किए। इनमें से उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले छात्रों का चयन अंतिम कार्यक्रम के लिए किया गया।
इस प्रक्रिया के तहत, प्रदेशभर से 140 छात्रों का चयन किया गया, जिन्होंने मुख्यमंत्री के साथ संवाद किया।
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा
कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा के अलावा स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क, वन एवं पर्यावरण, खेल, पलायन, स्वरोजगार और स्टार्टअप जैसे मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों से मिले उपयोगी सुझावों को सरकार की योजनाओं और नीति निर्माण में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
छात्रवृत्ति का प्रावधान
अभियान में बेहतर सुझाव देने वाले छात्रों के लिए छात्रवृत्ति का भी प्रावधान है। ऐसे छात्रों को 12वीं के बाद करियर की तैयारी, कोचिंग और अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए 2 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
इस पहल के माध्यम से सरकार का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उनके विचारों को नीति निर्माण तक पहुंचाना है।
