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NEET UG 2026 काउंसलिंग में बदलाव: चॉइस-फिलिंग की तारीख बढ़ी

NEET UG 2026 काउंसलिंग में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने चॉइस-फिलिंग की तारीख को 6 अगस्त से बढ़ाकर 8 अगस्त 2026 कर दिया है। यह निर्णय नए निर्देशों और नियमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें और अपनी पसंद की सूची तैयार करें। इस बदलाव से उन्हें अपनी काउंसलिंग रणनीति को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा। जानें इस प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी और महत्वपूर्ण सलाह।
 

NEET UG 2026 काउंसलिंग अपडेट



लाखों छात्रों के लिए NEET UG 2026 काउंसलिंग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने पहले राउंड के लिए चॉइस-फिलिंग प्रक्रिया को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है। यह प्रक्रिया पहले 6 अगस्त 2026 को शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसे 8 अगस्त 2026 को दोपहर 12:00 बजे से शुरू किया जाएगा। इस बदलाव के कारण, उम्मीदवारों को अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज और पाठ्यक्रम चुनने के लिए दो दिन और इंतजार करना होगा। MCC ने बताया कि यह निर्णय प्रशासनिक और नियामक परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, इसलिए सभी उम्मीदवारों को नए कार्यक्रम के अनुसार अपनी योजना बनानी चाहिए।


नए निर्देशों का प्रभाव

MCC द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 5 अगस्त 2026 को बेंचमार्क डिसेबिलिटी (PwBD) वाले उम्मीदवारों के लिए MBBS एडमिशन गाइडलाइंस में एक नया संशोधन जारी किया है। यह संशोधन 27 जुलाई 2026 को जारी गाइडलाइंस में बदलाव करता है। नए निर्देश सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) के मेमोरेंडम के अनुसार लागू किए गए हैं। MCC ने काउंसलिंग प्रक्रिया में इन नए नियमों को शामिल करने के लिए चॉइस-फिलिंग की तारीख को फिर से निर्धारित किया है, ताकि सभी उम्मीदवारों के लिए पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।


उम्मीदवारों के लिए सलाह

नए शेड्यूल के अनुसार, सभी योग्य उम्मीदवार 8 अगस्त 2026 को दोपहर 12:00 बजे से शुरू होने वाली चॉइस-फिलिंग और चॉइस-लॉकिंग प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। इस दौरान, उम्मीदवार अपनी रैंक, पसंद और सीट की उपलब्धता के आधार पर मेडिकल कॉलेज और पाठ्यक्रम - जिसमें MBBS और अन्य शामिल हैं - चुन सकते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि उम्मीदवार चॉइस-फिलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले अपनी पसंद की सूची तैयार कर लें और पिछले सालों के कट-ऑफ, कॉलेज रैंकिंग, फीस, स्थान और उपलब्ध सीटों का विश्लेषण करें। इससे अंतिम समय की हड़बड़ी से बचने और बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।


MCC की सलाह

MCC ने सभी उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक निर्देशों पर भरोसा करें और काउंसलिंग प्रक्रिया से जुड़े किसी भी नए अपडेट के लिए MCC की आधिकारिक वेबसाइट को नियमित रूप से देखते रहें। उम्मीदवारों को सोशल मीडिया या अनौपचारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे भ्रम पैदा हो सकता है। यदि कोई नया शेड्यूल या नई गाइडलाइंस जारी की जाती हैं, तो इसकी जानकारी सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर दी जाएगी।


आगे की रणनीति

चॉइस-फिलिंग की डेडलाइन बढ़ने से उम्मीदवारों को अपनी काउंसलिंग की रणनीति को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। इस दौरान, वे अपने दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं, कॉलेजों की सूची तैयार कर सकते हैं और अपनी पसंद पर पुनर्विचार कर सकते हैं। PwBD श्रेणी से जुड़े नए नियमों से प्रभावित होने वाले उम्मीदवारों को संशोधित गाइडलाइंस का ध्यानपूर्वक अध्ययन करना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि सही जानकारी, आधिकारिक अपडेट और सोच-समझकर चॉइस-फिलिंग करने से बेहतर मेडिकल कॉलेज मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, उम्मीदवारों के लिए यह बेहतर है कि वे जल्दबाजी करने के बजाय पूरी तैयारी के साथ 8 अगस्त से शुरू होने वाली प्रक्रिया में शामिल हों।