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NEET PG 2026 परीक्षा का परिणाम और आंसर की का इंतजार

NEET PG 2026 परीक्षा का आयोजन 30 अगस्त को हुआ था, और अब लाखों उम्मीदवार आंसर की की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस वर्ष परीक्षा में 180 प्रश्न पूछे गए थे, और मार्किंग स्कीम में सही उत्तर पर 4 अंक और गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती की गई है। जयपुर में तकनीकी समस्याओं के कारण कुछ उम्मीदवारों को री-एग्जाम का सामना करना पड़ेगा। जानें संभावित स्कोर कैसे निकालें और रैंक निर्धारण प्रक्रिया के बारे में।
 

NEET PG 2026 परीक्षा का आयोजन



नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 30 अगस्त 2026 को NEET PG 2026 परीक्षा का आयोजन किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद, लाखों उम्मीदवार अब आंसर की की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह उम्मीद की जा रही है कि NBEMS जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर आंसर की जारी करेगा।


आंसर की का महत्व

आंसर की जारी होने के बाद, उम्मीदवार अपने उत्तरों की तुलना आधिकारिक उत्तरों से कर सकेंगे और संभावित स्कोर का अनुमान लगा पाएंगे। हालांकि, अंतिम स्कोर और रैंक के लिए NBEMS के आधिकारिक परिणाम को ही मान्यता दी जाएगी।


NEET PG 2026 परीक्षा पैटर्न

NEET PG 2026 में पूछे गए 180 सवाल


इस वर्ष NEET PG के परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया गया है। कुल 180 मल्टीपल चॉइस प्रश्न पूछे गए हैं, जबकि पूरे पेपर के लिए अधिकतम 720 अंक निर्धारित किए गए हैं।


पिछले वर्षों की तुलना में इस बार प्रश्नों की संख्या कम की गई है, जिससे उम्मीदवार सही और गलत उत्तरों की संख्या के आधार पर अपने संभावित स्कोर का अनुमान लगा सकते हैं।


मार्किंग स्कीम

सही उत्तर पर 4 अंक, गलत पर 1 अंक की कटौती


NEET PG 2026 की मार्किंग स्कीम के अनुसार, प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए जाएंगे, जबकि गलत उत्तर देने पर 1 अंक की कटौती होगी।


किसी प्रश्न को छोड़ने पर न तो अंक मिलेंगे और न ही कोई अंक काटा जाएगा।


संभावित स्कोर निकालने का तरीका:


कुल अंक = सही उत्तर × 4 − गलत उत्तरों की संख्या।


उदाहरण के लिए, यदि किसी उम्मीदवार ने 150 प्रश्न सही किए और 20 गलत किए, तो संभावित स्कोर 600 − 20 यानी 580 अंक होगा।


रैंक निर्धारण प्रक्रिया

बराबर नंबर आने पर कैसे तय होगी रैंक?


यदि दो या अधिक उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो उनकी रैंक तय करने के लिए टाई-ब्रेकिंग नियम लागू होंगे। सबसे पहले, उस उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी जिसके गलत उत्तरों की संख्या कम होगी।


यदि यहां भी बराबरी रहती है, तो सेक्शन के आधार पर गलत उत्तरों की संख्या देखी जाएगी। क्रम इस प्रकार होगा:



  • सेक्शन A में कम गलत उत्तर वाला उम्मीदवार पहले रहेगा।

  • इसके बाद सेक्शन B में गलत उत्तरों की संख्या देखी जाएगी।

  • फिर सेक्शन C, D और E को इसी क्रम में देखा जाएगा।

  • यदि फिर भी टाई रहती है, तो MBBS की प्रोफेशनल परीक्षाओं में अधिक कुल अंक हासिल करने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता मिलेगी।

  • अगर फिर भी बराबरी रहती है, तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को बेहतर रैंक दी जाएगी।


परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवार

NBEMS के परीक्षा अपडेट के अनुसार, NEET PG 2026 के लिए कुल 2,65,980 उम्मीदवार निर्धारित थे। परीक्षा देशभर के 338 शहरों में 1,111 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई।


इनमें से 2,63,535 उम्मीदवारों ने परीक्षा पूरी की। हालांकि, जयपुर के सीतापुरा क्षेत्र में दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली से संबंधित तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो सकी, जिससे 2,445 उम्मीदवार प्रभावित हुए।


जयपुर में री-एग्जाम

जयपुर में 5 सितंबर को होगा री-एग्जाम


जयपुर के प्रभावित उम्मीदवारों के लिए NEET PG 2026 की दोबारा परीक्षा 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी।


सीतापुरा के दो परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो पाने के बाद NBEMS ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया है।


अब सभी उम्मीदवारों की नजर NBEMS द्वारा जारी की जाने वाली आंसर की और उसके बाद आने वाले परिणाम पर है। आंसर की आने के बाद, उम्मीदवार अपनी रिस्पॉन्स शीट से उत्तरों का मिलान कर संभावित स्कोर का अनुमान लगा सकेंगे।