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IELTS परीक्षा में बड़ा बदलाव: 2026 से कंप्यूटर आधारित होगा टेस्ट

IELTS परीक्षा में 2026 से एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है, जिसमें यह पूरी तरह से कंप्यूटर पर आयोजित की जाएगी। इस बदलाव के पीछे छात्रों की प्रतिक्रिया और अनुसंधान का योगदान है। पेपर-पेन प्रारूप को समाप्त किया जाएगा, लेकिन परीक्षा का प्रारूप और स्कोरिंग सिस्टम वही रहेगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अब से कंप्यूटर आधारित प्रैक्टिस शुरू करें। जानें इस बदलाव के बारे में और अधिक जानकारी के लिए पूरा लेख पढ़ें।
 
IELTS परीक्षा में बड़ा बदलाव: 2026 से कंप्यूटर आधारित होगा टेस्ट

IELTS परीक्षा में नया बदलाव

नई दिल्ली: आज के समय में अंग्रेजी भाषा शिक्षा और करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने या बेहतर नौकरी पाने के लिए IELTS जैसी परीक्षाओं का स्कोर आवश्यक होता है। हर साल लाखों भारतीय छात्र इस परीक्षा में भाग लेते हैं। अब इस परीक्षा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहा है। 2026 के मध्य से IELTS पूरी तरह से कंप्यूटर पर आयोजित किया जाएगा, जबकि पेपर-पेन प्रारूप को धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा।


बदलाव का कारण

ब्रिटिश काउंसिल, IDP एजुकेशन और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट ने छात्रों की प्रतिक्रिया और अनुसंधान के आधार पर यह निर्णय लिया है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा अधिक सुविधाजनक है और परिणाम 1-5 दिनों में मिल जाते हैं। छात्रों को पूरा परीक्षा दोबारा देने की बजाय केवल एक सेक्शन (वन स्किल रिटेक) दोबारा देने का विकल्प भी मिलेगा, जो पेपर मोड में संभव नहीं था।


क्या रहेगा वही?

परीक्षा का प्रारूप, प्रश्नों के प्रकार, स्कोरिंग सिस्टम (0 से 9 बैंड) और वैश्विक मान्यता में कोई बदलाव नहीं होगा। लिसनिंग, रीडिंग, स्पीकिंग और राइटिंग के चारों सेक्शन पहले की तरह रहेंगे। केवल परीक्षा का तरीका कंप्यूटर पर स्थानांतरित होगा, जिससे छात्रों को टाइपिंग का अभ्यास करना होगा।


राइटिंग का विशेष विकल्प

एक अच्छी खबर यह है कि कुछ स्थानों पर राइटिंग सेक्शन को अभी भी हाथ से लिखने का विकल्प दिया जाएगा, जबकि अन्य सेक्शन कंप्यूटर पर होंगे। यह उन छात्रों के लिए राहत है जो टाइपिंग में सहज नहीं हैं। स्पीकिंग टेस्ट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।


छात्रों के लिए सुझाव

जो छात्र 2026 के मध्य के बाद IELTS देने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब से कंप्यूटर आधारित प्रैक्टिस शुरू कर देनी चाहिए। टाइपिंग स्पीड बढ़ाने और कंप्यूटर पर मॉक टेस्ट देने से उन्हें जल्दी परिणाम और आसान प्रक्रिया के साथ विदेश जाने की तैयारी में मदद मिलेगी। किसी भी कमी से बचने के लिए अभी से अपडेट रहना आवश्यक है।