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CBI ने NEET UG पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने NEET UG पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट में प्रस्तुत की गई है, जिसमें NTA के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। CBI ने इस मामले में 360 गवाहों और 422 दस्तावेजों के साथ सबूत पेश किए हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आगामी सुनवाई के बारे में।
 

CBI की बड़ी कार्रवाई



सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने NEET UG पेपर लीक मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को, जांच एजेंसी ने एक विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की। इस मामले की सुनवाई के लिए विशेष कोर्ट बुधवार को चार्जशीट पर विचार कर सकती है। यह चार्जशीट CBI की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दाखिल की गई है।


जांच जारी

CBI ने अपनी जांच को जारी रखा है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह मामला BNS 2023 की धाराओं 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2); प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन (PC) एक्ट, 1988 की धाराओं 13(2) और 13(1)(a); और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 की धाराओं 10, 3, 4, 5 और 11 के तहत दर्ज किया गया है।


चार्जशीट में नामित आरोपी

**चार्जशीट में किनके नाम हैं?**


चार्जशीट में शामिल आरोपी हैं - यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार। ये सभी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में कई गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है।


NTA की भूमिका की जांच

**NTA की भूमिका की भी जांच होगी**


CBI ने अदालत को सूचित किया कि जांच अभी भी चल रही है और NTA के कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हाल ही में, इस मामले में शामिल NTA के 47 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर 12 मई को इस मामले में FIR दर्ज की गई थी।


चार्जशीट का आधार

**चार्जशीट दाखिल करने का आधार**


दाखिल की गई चार्जशीट में 360 गवाह, 422 दस्तावेज़ और 43 भौतिक सबूत शामिल हैं। देश भर में 92 स्थानों पर छापेमारी और डिजिटल फोरेंसिक जांच के बाद, CBI ने पेपर लीक करने वाले पूरे नेटवर्क और पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) का पता लगा लिया है। इस मामले में कल, 29 जुलाई को अदालत में एक महत्वपूर्ण सुनवाई होने वाली है।