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अपडेट....वनपरक्षक भर्ती परीक्षाः त्रिस्तरीय जांच के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा हाल में प्रवेश की अनुमति
राजधानी जयपुर में शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से वनरक्षक भर्ती परीक्षा की पहली और दूसरी पारी की परीक्षा सम्पन हो गई है। बताया जा रहा है कि नकल रोकने के लिए परीक्षा में शामिल होने पहुंचे अभ्यर्थियों की त्रिस्तरीय जांच के बाद उन्हे परीक्षा हाल में प्रवेश की अनुमति दी गई।
 
अपडेट....वनपरक्षक भर्ती परीक्षाः त्रिस्तरीय जांच के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा हाल में प्रवेश की अनुमति
जयपुर, 12 नवंबर । राजधानी जयपुर में शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से वनरक्षक भर्ती परीक्षा की पहली और दूसरी पारी की परीक्षा सम्पन हो गई है। बताया जा रहा है कि नकल रोकने के लिए परीक्षा में शामिल होने पहुंचे अभ्यर्थियों की त्रिस्तरीय जांच के बाद उन्हे परीक्षा हाल में प्रवेश की अनुमति दी गई।

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से वनरक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रदेश में 5057 परीक्षा केंद्रों पर दो दिन में चार पारियों में भर्ती परीक्षा का आयोजन हो रहा। जिसके चलते शनिवार को दो पारियों की परीक्षा सम्पन्न हुई और दो पारियों की परीक्षा रविवार को आयोजित होगी। जानकारी के अनुसार वनरक्षक भर्ती परीक्षा में सबसे ज्यादा 215 केंद्र जयपुर में है। जहां 2 दिन में तीन लाख 19 हजार 61 अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह परीक्षा का आयोजन 23 सौ पदों के लिए हो रहा है। बोर्ड की ओर से जारी की गई गाइडलाइन को देखते हुए परीक्षार्थियों ने शनिवार सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आरंभ होने से आधा घंटा पहले परीक्षार्थियों का प्रवेश बंद कर दिया गया। बोर्ड ने परीक्षार्थियों को निर्देश दिए थे कि वह परीक्षा आरंभ होने के निर्धारित समय से डेढ़ घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। ऐसे में जो परीक्षार्थी देरी से पहुंचे वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए। बोर्ड ने मास्क पहन कर आने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन अधिकांश परीक्षार्थी बिना मास्क के ही परीक्षा में शामिल हुए।

जानकारी के अनुसार दो दिन चलने वाली इस परीक्षा का आयोजन चार पारियों में किया जा रहा है। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 16 लाख 36 हजार 516 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 3 लाख 20 हजार से ज्यादा अकेले जयपुर शहर में हैं। शनिवार को पहले दिन दो पारियों में सुबह दस बजे से बारह बजे तक और दूसरी पारी में दोपहर में दूसरी पारी में ढाई बजे से साढ़े चार बजे तक परीक्षा का आयोजन हुआ।

बोर्ड द्वारा भर्ती परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम तैनात रही। इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।

बोर्ड ने परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया था कि पुरुष परीक्षार्थियों के पूरी बांह की शर्ट और जूते पहनने पर रोक लगाई गई थी। अधिकांश परीक्षार्थी आधी आस्तीन की शर्ट टी शर्ट व पेंट तथा हवाई चप्पल पहनकर आए थे। वहीं महिला परीक्षार्थी सलवार सूट, साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता,आधी आस्तीन का ब्लाउज और हवाई चप्पल पहनकर आई। उनके चूडिय़ां और जेवरात पहनने पर भी रोक थी। जिसके चलते कई परीक्षार्थियों को अपने गहने परिजनों को देने पड़े।

वहीं परीक्षा से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक अभ्यर्थी एडमिट कार्ड दिखाकर राजस्थान रोडवेज की ब्लू लाइन बसों में फ्री में सफर करने का तोहफा दिया है। ऐसे में अत्यधिक यात्रीभार की संभावना को देखते हुए राजस्थान रोडवेज की ओर से शहर के चार कोनों में अस्थाई बस स्टैण्ड शनिवार से शुरू किए गए हैं। दोपहर बारह बजे तक सिंधी कैंप बस स्टैण्ड से ही सभी श्रेणी की बसें संचालित हुई। लेकिन उसके बाद रविवार देर रात तक सिंधी कैंप से केवल स्लीपर और वोल्वो बसें ही संचालित होंगी। साधारण एवं द्रुतगामी बस सेवा संबंधित रूट के अस्थाई बस स्टैंड से संचालित होगी।

परीक्षा में अभ्यर्थी केंद्र पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कि मोबाइल,ब्लूटूथ,कैलकुलेटर भी नहीं ला सकते हैं। ऐसे में अगर इनमें से कोई भी वस्तु अगर अभ्यर्थी के पास मिली तो उसके खिलाफ अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 1992 के तहत कार्रवाई होगी। वहीं परीक्षा के दौरान नकल और धांधली करने पर राजस्थान में नकल के खिलाफ बने कानून के तहत दस से बारह साल की सजा के साथ आरोपित की सम्पति सीज कर उससे जुर्माने वसूला जाएगा। नकल करने या नकल करवाने का प्रयास करने, परीक्षा के दौरान केंद्राधीक्षक, सहायक केंद्र अधीक्षक, सतर्कता दल को धमकी देने,खुद के बारे में गलत सूचना देना, अपने स्थान पर किसी अन्य को परीक्षा में बिठाने को इसी अधिनियम के तहत अपराध माना जाएगा।