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महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पेपर लीक: जांच का दायरा बढ़ा, कई गिरफ्तारियां

महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पेपर लीक मामले की जांच अब कई राज्यों में फैल गई है। भिवंडी पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। जांच में यह सामने आया है कि प्रश्न-पत्रों की बिक्री के लिए ₹1.5 करोड़ का सौदा हुआ था। पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं और विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना है, और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हैं।
 

जांच का विस्तार


महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पेपर लीक की जांच अब केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रह गई है। हर दिन नई जानकारियाँ सामने आ रही हैं और जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। प्रारंभिक पुलिस जांच में यह सामने आया है कि प्रश्न-पत्रों की बिक्री के लिए लगभग ₹1.5 करोड़ का सौदा हुआ था। कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन कुछ मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह नेटवर्क बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों में फैला हुआ है।


भिवंडी पुलिस की कार्रवाई

**भिवंडी पुलिस को बड़ी कामयाबी**


भिवंडी पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के पटना से राजीव श्रीप्रयाग सो और आकाश कुमार स्वराज कुमार, और हरियाणा के पानीपत से धीरज बलराज सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन तीनों ने प्रश्न-पत्रों की खरीद-फरोख्त और पूरे नेटवर्क को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पूछताछ के दौरान नई जानकारियाँ मिली हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने अन्य राज्यों में भी ऑपरेशन शुरू किया है।


₹1.5 करोड़ की डील

**₹1.5 करोड़ की पेपर डील**
जांच में यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि TET प्रश्न-पत्रों की बिक्री के लिए लगभग ₹1.5 करोड़ का सौदा हुआ था। पुलिस का मानना है कि यदि समय पर इस गिरोह का पर्दाफाश नहीं किया गया होता, तो प्रश्न-पत्र बड़ी संख्या में उम्मीदवारों तक पहुँच सकते थे। पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों और ज़ब्त किए गए दस्तावेज़ों के आधार पर, पुलिस अब इस वित्तीय लेन-देन में शामिल सभी पक्षों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।


महत्वपूर्ण सबूतों की बरामदगी

**छापेमारी के दौरान अहम सबूत बरामद**


पुलिस ने गिरफ्तार संदिग्धों से कई महत्वपूर्ण चीज़ें ज़ब्त की हैं, जिनमें TET प्रश्न-पत्रों के चार सेट, मोबाइल फ़ोन, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, भारतीय और नेपाली मुद्रा, नकद, बैंक चेक, प्रेस ID कार्ड, वोटर ID कार्ड और लोक जनशक्ति पार्टी के कार्ड शामिल हैं। इन दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फ़ोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क के दायरे का पता लगाया जा सके।


फरार आरोपी और उनकी तलाश

दो और आरोपी फरार; तलाश जारी


गिरफ्तार तीनों से पूछताछ में दो और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं: हरियाणा से कपिल दहिया और बिहार के पटना से बिजेंद्र कुमार। दोनों अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।


पेपर लीक नेटवर्क का दायरा

पेपर लीक नेटवर्क कितना बड़ा है?


जांच एजेंसियों को संदेह है कि पेपर लीक करने वाला गिरोह केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि इसके तार बिहार, हरियाणा, दिल्ली, आगरा (उत्तर प्रदेश) और अन्य राज्यों से जुड़े हैं। ज़ब्त किए गए बैंक चेक, पैसों के लेन-देन, मोबाइल डेटा और अन्य दस्तावेज़ों के आधार पर पुलिस इस नेटवर्क के दायरे का पता लगाने की कोशिश कर रही है।


विशेष जांच दल की स्थापना

SIT मामले की जांच कर रही है


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) पवन बनसोडे की देखरेख में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। यह टीम अन्य राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। SIT का ध्यान केवल गिरफ्तार लोगों तक सीमित नहीं है; यह लीक के स्रोत की भी जांच कर रही है।


TET परीक्षा का महत्व

महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला क्या है?


महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) 28 जून, 2026 को आयोजित होने वाला था। लाखों उम्मीदवारों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद थी। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला था कि राज्य भर में लगभग 4.28 लाख उम्मीदवारों के लिए 1,028 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। हालाँकि, बाद में आधिकारिक जानकारी से पता चला कि 1,728 केंद्रों पर लगभग 6 लाख उम्मीदवारों के लिए व्यवस्था की जा रही थी। पेपर लीक की जानकारी मिलने पर, राज्य सरकार ने परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया।


मुख्य संदिग्ध की गिरफ्तारी

मास्टरमाइंड की पत्नी भी पटना से गिरफ्तार


जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पुलिस ने पटना से सुमन कुमारी को गिरफ्तार किया। वह इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी हैं। ठाणे पुलिस का कहना है कि बिजेंद्र कुमार गुप्ता अभी भी फरार है।


जांच का फोकस

**अब पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर ध्यान**


फिलहाल, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर सबसे पहले किस चरण में लीक हुआ, इसे किसने हासिल किया और इसमें कौन-कौन से वित्तीय लेनदेन शामिल थे। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह गिरोह देश भर में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े अन्य रैकेट से भी जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।