झारखंड में सहायक प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के लिए संशोधित परिणाम की घोषणा
संशोधित परिणाम की घोषणा
झारखंड के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षा का संशोधित परिणाम जल्द ही जारी किया जाएगा। यह परिणाम सभी श्रेणियों के लिए होगा। स्नातक प्रशिक्षित सहायक प्रधानाध्यापक (कक्षा 6 से 8) के तीनों विषयों, जैसे विज्ञान, गणित, भाषा और सामाजिक विज्ञान, तथा इंटर प्रशिक्षित सहायक प्रधानाध्यापक (कक्षा 1 से 5) के लिए संशोधित परिणाम घोषित किए जाएंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा परिणामों में विसंगतियों के उजागर होने के बाद, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने जांच के बाद संशोधित परिणाम जारी करने का निर्णय लिया है।
किस श्रेणी में कितने अभ्यर्थियों का चयन
किस श्रेणी में कितने अभ्यर्थियों का हुआ है चयन
- श्रेणी - कुल पद सफल
- कक्षा छह से आठ
- गैर पारा शिक्षक श्रेणी 7,602 4,213
- पारा शिक्षक श्रेणी 7,399 1,562
- कक्षा एक से पांच
- गैर पारा शिक्षक श्रेणी 5,531 3,009
- पारा शिक्षक श्रेणी 5,469 1,808
परिणामों में विसंगतियाँ
काउंसलिंग के दौरान, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने अभ्यर्थियों से दोहरे आरक्षण के संबंध में दिशा-निर्देश मांगे, जिससे परिणामों में विसंगतियाँ सामने आईं। कई आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने अनारक्षित वर्ग के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए, जिससे वे चयनित हो गए। स्नातक प्रशिक्षित सहायक प्राध्यापक और इंटर प्रशिक्षित सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति में भी यही स्थिति रही।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने उपायुक्तों को पत्र भेजकर अनुशंसित अभ्यर्थियों के सभी फोल्डर वापस करने का अनुरोध किया है। संशोधित परिणाम जारी करने की अनुशंसा के साथ ये फोल्डर आयोग को भेजे जाएंगे।
सर्वोच्च न्यायालय का आदेश
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी नियुक्ति में अभ्यर्थियों को दोहरे आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। जब कोई अभ्यर्थी JTET परीक्षा में आरक्षण का लाभ लेता है, तो उसे नियुक्ति प्रक्रिया में इसका लाभ नहीं मिल सकता।
क्या है पूरा मामला
झारखंड में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को JTET परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए यह कट-ऑफ 52 प्रतिशत है। कई अभ्यर्थियों ने 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त कर भी अनारक्षित वर्ग में चयनित हो गए। विवाद यह है कि क्या उन्हें आरक्षण का दोहरा लाभ दिया जा सकता है।
आगे की प्रक्रिया
संशोधित परिणाम के बाद, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी ही अपनी श्रेणी में सफल घोषित होंगे। इससे कुछ अभ्यर्थी परिणाम से बाहर हो सकते हैं, जबकि अन्य अभ्यर्थी चयनित हो सकते हैं।
संशोधित परिणाम घोषित होने पर, चयन से बाहर हुए अभ्यर्थी अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
नियुक्ति पत्र जारी करने की तैयारी
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग 2 सितंबर को कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने की योजना बना रहा है। आयोग द्वारा संशोधित परिणाम चरणबद्ध तरीके से घोषित किया जा सकता है।
