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गणतंत्र दिवस: जानें इसके पीछे का इतिहास और महत्व

भारत का 77वां गणतंत्र दिवस जल्द ही मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशभर में उत्सव का माहौल है। जानें कि गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है, इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है और संविधान के लागू होने में दो महीने की देरी का कारण क्या था। इस लेख में हम गणतंत्र दिवस के समारोह और इसके पीछे की कहानी पर भी चर्चा करेंगे।
 
गणतंत्र दिवस: जानें इसके पीछे का इतिहास और महत्व

गणतंत्र दिवस की तैयारी


देश जल्द ही अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर पूरे देश में उत्साह का माहौल है। हर जगह देशभक्ति के गीत गूंज रहे हैं। लेकिन गणतंत्र दिवस या संविधान दिवस के बारे में एक महत्वपूर्ण तथ्य है जो बहुत से लोग नहीं जानते। हमारा संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ, लेकिन यह दो महीने पहले ही तैयार हो चुका था। आइए जानते हैं कि ऐसा क्यों हुआ।


संविधान का निर्माण

संविधान 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था


भारत ने 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त की, लेकिन यह 26 जनवरी, 1950 को संविधान के लागू होने के बाद ही एक लोकतांत्रिक गणतंत्र बना। यह ध्यान देने योग्य है कि भारतीय संविधान 26 नवंबर, 1949 को तैयार हो गया था, लेकिन इसे लागू होने में दो महीने का समय लगा। भारतीय संविधान को पूरा करने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर, जिन्हें संविधान का निर्माता माना जाता है, ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


गणतंत्र दिवस का महत्व

गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?


हर साल गणतंत्र दिवस मनाने का कारण 26 जनवरी, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज की घोषणा है। इस ऐतिहासिक घटना को सम्मानित करने के लिए, डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान सभा ने संविधान का मसौदा तैयार किया। संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ, और इस दिन भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जो भारतीय गणतंत्र के जन्म का प्रतीक है।


संविधान के लागू होने में देरी का कारण


भारतीय संविधान को लागू होने में दो महीने का समय लगा। इसका कारण यह था कि 1930 में, 26 जनवरी को, कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी। हालांकि संविधान 26 नवंबर, 1949 को तैयार हो गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी, 1950 तक लागू करने का निर्णय लिया गया। यही कारण है कि 29 नवंबर, 1949 को संविधान फाइनल होने के बावजूद, इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया।


गणतंत्र दिवस का समारोह

गणतंत्र दिवस का महत्व


गणतंत्र दिवस हर साल पूरे देश में लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन, दिल्ली में कर्तव्य पथ पर भव्य परेड, झांकियां, तीनों सेनाओं द्वारा शक्ति प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। 21 तोपों की सलामी दी जाती है, जो केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय आत्मविश्वास का प्रतीक भी है।