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उत्तराखंड में यूकेएसएसएससी परीक्षा स्थगित, पेपर लीक के बाद छात्रों का आंदोलन

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 12 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा को स्थगित कर दिया है। यह निर्णय छात्रों के अनुरोध और परीक्षा की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए लिया गया। इससे पहले, 21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक के बाद छात्रों का आंदोलन सफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार ने उस परीक्षा को रद्द कर दिया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आगे की योजनाएं।
 

यूकेएसएसएससी परीक्षा स्थगित


यूकेएसएसएससी परीक्षा स्थगित: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने 12 अक्टूबर को निर्धारित परीक्षा को स्थगित कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष जीएस मार्तोलिया ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी कि कृषि विभाग के तकनीकी पदों के लिए यह परीक्षा अब नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा के लिए अभी तक प्रवेश पत्र जारी नहीं किए गए थे, इसलिए इसे उस तिथि पर आयोजित नहीं किया जाएगा।


लगभग 600 अभ्यर्थियों को 20-25 पदों के लिए इस परीक्षा में शामिल होना था। इससे पहले, सहकारी निरीक्षक वर्ग-2 और सहायक विकास अधिकारी, सहकारिता के 45 पदों के लिए 5 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा भी स्थगित की गई थी।


परीक्षा स्थगित करने का कारण

आयोग ने बताया कि अभ्यर्थियों के अनुरोध और परीक्षा की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि स्थगित परीक्षाओं का नया कार्यक्रम जल्द ही जारी किया जाएगा।


21 सितंबर की परीक्षा रद्द

उत्तराखंड में स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक के बाद छात्रों का आंदोलन सफल रहा। राज्य सरकार ने शनिवार को इस परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया। 21 सितंबर को आयोजित परीक्षा में पेपर लीक की घटना के बाद युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। सरकार ने छात्रों के हक में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि उनके शासन में युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा।


सरकार के इस निर्णय के बाद आंदोलनरत छात्रों ने राहत की सांस ली और मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे लिए छात्र और युवा सर्वोपरि हैं। हम उनके भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”


पूरे मामले का विवरण

21 सितंबर को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने स्नातक स्तरीय परीक्षा का आयोजन किया था। लेकिन परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद इसका पेपर व्हाट्सएप पर लीक हो गया। बताया गया कि आरोपी खालिद मलिक ने असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को तीन पन्ने भेजे थे, जबकि उसकी बहन साबिया भी इस साजिश में शामिल थी। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।