OpenAI ने कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को निकाला, AI टूल्स के दुरुपयोग का मामला
OpenAI की नई नीति पर सवाल
नई दिल्ली: OpenAI अपने AI मॉडल को अधिक मानव-समान और कम मशीन जैसा बनाने के लिए हजारों कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की सहायता लेती है। हाल ही में 404 मीडिया द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि कई वर्कर्स, जिनका कार्य AI को मानव व्यवहार सिखाना था, स्वयं AI टूल्स का उपयोग कर रहे थे। इस खुलासे के बाद कंपनी ने तुरंत कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया।
प्रोजेक्ट का कार्यप्रणाली
रिपोर्ट के अनुसार, ये कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स असली ChatGPT उपयोगकर्ताओं की बातचीत और प्रॉम्प्ट का अध्ययन करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चैटबॉट के उत्तर सही और संतुलित हैं। उनका मुख्य कार्य यह देखना होता है कि AI उपयोगकर्ता की हर बात का समर्थन न करे, यानी अत्यधिक चापलूसी न करे। इसके लिए उन्हें प्रति घंटे लगभग 50 डॉलर तक की कमाई होती है।
कई वर्कर्स ने किया नियमों का उल्लंघन
इस प्रोजेक्ट में हजारों कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स शामिल हैं, लेकिन इनमें से कई ने अपने कार्य को आसान बनाने के लिए AI टूल्स का सहारा लिया। यह कंपनी की नीति के खिलाफ था। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे मामलों में वर्कर्स को तुरंत नौकरी से निकाल दिया जाता है, और यह कोई असामान्य बात नहीं है।
AI से AI को सिखाने का खतरा
OpenAI इस सख्ती को इसलिए बरत रही है क्योंकि यदि AI मॉडल को AI-जनित सामग्री से प्रशिक्षित किया जाए, तो इससे 'मॉडल कोलैप्स' का खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसका अर्थ है कि समय के साथ मॉडल की सटीकता और विविधता में कमी आ सकती है। इसलिए मानव समझ और निर्णय को इस प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
नौकरी गंवाने वाले वर्कर की कहानी
रिपोर्ट में एक वर्कर का उल्लेख किया गया है, जिसे नौकरी से निकालने का पत्र मिला था। उस पत्र में उसके कार्य की 'प्रामाणिकता' पर सवाल उठाए गए थे। उस वर्कर ने कहा कि वह कोई बुरा व्यक्ति नहीं है, बस थोड़ी मदद के लिए AI का उपयोग कर रहा था। उसने यह भी कहा कि इस काम में उसे कोई खुशी या संतोष नहीं मिलता था।
कंपनी के सख्त निर्देश
कंपनी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्कर्स किसी भी प्रकार के AI डिटेक्शन टूल या राइटिंग टूल का उपयोग न करें, क्योंकि ये पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं होते। रिव्यूअर्स को भी सलाह दी गई है कि वे फीडबैक लिखने के लिए ग्रामरली या अनुवाद टूल्स का सहारा न लें। इसके बजाय, उन्हें बार-बार दोहराए गए शब्दों और अनोखी विराम-चिह्न शैली पर ध्यान देने के लिए कहा गया है।
