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दिल्ली के गेस्ट टीचर्स के लिए नई वेतन व्यवस्था का प्रस्ताव

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में गेस्ट टीचर्स के लिए एक नई वेतन व्यवस्था का प्रस्ताव सामने आया है, जिसमें मौजूदा दैनिक भुगतान को समाप्त कर एक निश्चित मासिक वेतन देने की योजना है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि हो सकती है। प्रस्ताव को दिल्ली सरकार के वित्त विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है, और यदि स्वीकृति मिलती है, तो यह 1 नवंबर 2026 से लागू हो सकता है। शिक्षकों की नजर अब इस प्रस्ताव पर है, जो उन्हें आर्थिक राहत प्रदान कर सकता है।
 

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में गेस्ट टीचर्स के लिए राहत



दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 20,000 से अधिक गेस्ट टीचर्स के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने गेस्ट टीचर्स के मानदेय में बदलाव का एक प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, मौजूदा दैनिक भुगतान प्रणाली को समाप्त कर एक निश्चित मासिक वेतन देने की योजना बनाई गई है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT), ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) और प्राइमरी टीचर (PRT) के मासिक मानदेय में वृद्धि हो सकती है।


प्रस्ताव की मंजूरी की प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, शिक्षा निदेशालय ने 15 अक्टूबर 2026 को तैयार किए गए संशोधित प्रस्ताव को दिल्ली सरकार के वित्त विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेजा है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो इसे 1 नवंबर 2026 से लागू करने की योजना है। हालांकि, यह अभी एक प्रस्तावित व्यवस्था है और अंतिम निर्णय वित्त विभाग की मंजूरी के बाद ही होगा।


गेस्ट टीचर्स का नया मानदेय

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गेस्ट टीचर्स के मानदेय को बेसिक वेतन और 60 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। इससे विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को हर महीने एक निश्चित राशि प्राप्त होगी।



  • PGT शिक्षक: ₹76,160 प्रति माह

  • TGT शिक्षक: ₹71,840 प्रति माह

  • PRT शिक्षक: ₹56,640 प्रति माह


यह राशि प्रस्ताव में बताए गए वेतन ढांचे के अनुसार है। हालांकि, शिक्षकों को मकान किराया भत्ता (HRA) या अन्य अतिरिक्त भत्ते नहीं दिए जाएंगे। महंगाई भत्ते में भविष्य में होने वाले बदलाव का असर मानदेय पर पड़ सकता है।


वर्तमान भुगतान प्रणाली

वर्तमान में, दिल्ली के सरकारी स्कूलों में गेस्ट टीचर्स को उपस्थिति के आधार पर दैनिक भुगतान किया जाता है। मौजूदा व्यवस्था में दैनिक मानदेय लगभग ₹1,000 है। इस कारण, छुट्टियों या अनुपस्थिति के कारण महीने में काम के दिनों की संख्या कम होने पर कुल भुगतान प्रभावित हो सकता है।


नई व्यवस्था का उद्देश्य दैनिक भुगतान की जगह निश्चित मासिक मानदेय देना है, जिससे शिक्षकों को हर महीने अधिक स्थिर आय मिल सके।


छुट्टियों की नीति

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, गेस्ट टीचर्स को एक वित्तीय वर्ष में आठ दिन की कैजुअल लीव मिल सकती है। इन छुट्टियों का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार करना होगा। बची हुई छुट्टियां अगले वित्तीय वर्ष में आगे नहीं बढ़ाई जाएंगी।


यदि शिक्षकों की अनुपस्थिति निर्धारित छुट्टियों से अधिक होती है, तो मासिक मानदेय में प्रतिदिन के हिसाब से कटौती की जा सकती है।


गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में भुगतान

इस प्रस्ताव की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान भी गेस्ट टीचर्स को मानदेय मिल सकता है। जो गेस्ट टीचर्स गर्मी की छुट्टियां शुरू होने से पहले लगातार कार्यरत रहे होंगे, उन्हें निर्धारित शर्तों के तहत अवकाश अवधि में भी फिक्स्ड मंथली सैलरी मिल सकती है।


यदि छुट्टियों के दौरान शिक्षकों से प्रवेश प्रक्रिया, अतिरिक्त कक्षाओं या अन्य सरकारी कार्यों में सेवाएं ली जाती हैं, तो इसके लिए अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान भी प्रस्ताव में शामिल है।


गेस्ट टीचर्स का नियमितीकरण

फिक्स्ड मंथली सैलरी लागू होने से गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति का स्वरूप नहीं बदलेगा। वे संविदा के आधार पर ही काम करते रहेंगे। इस प्रस्ताव से उन्हें नियमित शिक्षक का दर्जा मिलने या नियमितीकरण का कानूनी अधिकार नहीं मिलेगा।


शिक्षा निदेशालय के अनुसार, गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति स्वीकृत रिक्त पदों के आधार पर की जाती है और वे स्कूलों में नियमित शिक्षकों की तरह शिक्षण कार्य करते हैं।


शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया

गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के सदस्यों और शिक्षकों ने मानदेय बढ़ाने की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग लंबित थी। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो हजारों शिक्षकों को आर्थिक राहत मिल सकती है।


अब शिक्षकों की नजर दिल्ली सरकार के वित्त विभाग के निर्णय पर है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो निर्धारित तारीख से नई भुगतान व्यवस्था लागू होने का रास्ता साफ हो सकता है।