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हर घर तिरंगा अभियान: राष्ट्रीय ध्वज फहराने के नियम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत, नागरिक अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं। इस लेख में, ध्वज फहराने और उतारने के नियमों के बारे में जानकारी दी गई है, ताकि तिरंगे का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। जानें कि ध्वज को कैसे सही तरीके से फहराना और उतारना चाहिए, और इस अभियान में भाग लेने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश क्या हैं।
 

हर घर तिरंगा अभियान का परिचय


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'हर घर तिरंगा' अभियान देशभर में शुरू किया गया है। इस पहल के तहत, नागरिक अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं, उसके साथ सेल्फी ले सकते हैं और इसे आधिकारिक वेबसाइट harghartiranga.com पर 'UPLOAD SELFIE' लिंक के माध्यम से अपलोड कर सकते हैं। ऐसा करने पर, आपको 'हर घर तिरंगा' अभियान का प्रमाण पत्र प्राप्त होगा।


ध्वज फहराने और उतारने के नियम

**राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराने के नियम**
ध्वज फहराने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह न तो फटा हो और न ही गंदा हो।
तिरंगे को फहराते समय उसे उचित सम्मान और गरिमा दी जानी चाहिए।
ध्वज को उस स्थान पर सभी के लिए स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।
यदि ध्वज मंच पर फहराया जा रहा है, तो वक्ता को दर्शकों की ओर मुड़ना चाहिए और ध्वज को उनके दाहिनी ओर रखना चाहिए।
यदि तिरंगे के साथ कोई अन्य ध्वज प्रदर्शित किया जा रहा है, तो उसे तिरंगे के नीचे रखा जाना चाहिए।
तिरंगा किसी भी तरह से जमीन को नहीं छूना चाहिए।
अशोक चक्र को ध्वज के सफेद पट्टी के केंद्र में होना चाहिए और इसमें 24 तीलियाँ होनी चाहिए।


ध्वज उतारने के नियम

**राष्ट्रीय ध्वज उतारने के नियम**
पहले, राष्ट्रीय ध्वज को क्षैतिज रूप से बिछाएं।
सफेद पट्टी के नीचे के केसरिया और हरे रंग के पट्टों को मोड़ें।
ऐसे मोड़ें कि केवल अशोक चक्र दिखाई दे और केसरिया और हरा पट्टा भी हो।
फोल्ड किए गए ध्वज को अपने हाथों में रखें और सुरक्षित स्थान पर रखें।


भारतीय ध्वज संहिता

भारतीय ध्वज संहिता 26 जनवरी 2002 को लागू हुई थी। इसने तिरंगे के अपमान से बचने के लिए विभिन्न नियमों को पेश किया। इन नियमों के अनुसार, फहराने के लिए ध्वज आयताकार होना चाहिए, जिसकी लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए। ध्वज पर कोई लेखन या अंकन नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त या फटे ध्वज का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।