NEET-UG परीक्षा का स्वरूप बदलेगा, कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तैयारी
NEET-UG परीक्षा में बदलाव
NEET-UG परीक्षा अब तक कागज और पेन के माध्यम से आयोजित की जाती रही है, लेकिन इसे अब कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने की तैयारी चल रही है। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि यह परीक्षा जल्द ही CBT मोड में आयोजित की जाएगी।
एनटीए द्वारा परीक्षा पैटर्न में बदलाव
एनटीए ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG के परीक्षा पैटर्न में एक महत्वपूर्ण बदलाव करने की योजना बनाई है। वर्तमान में, NEET-UG ओएमआर शीट के साथ कागज पर आयोजित की जाती है, लेकिन इसे कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने की योजना है। अभिषेक सिंह ने कहा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा भविष्य की परीक्षा प्रणाली है।
एनटीए महानिदेशक का बयान
अभिषेक सिंह के अनुसार, NEET एनटीए की एकमात्र प्रमुख परीक्षा है जो अभी भी कागज और ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित की जाती है। जबकि JEE, UGC-NET, CUET और NIFT जैसी परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर आधारित प्रारूप में आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी एनटीए परीक्षाओं को CBT मोड में लाने का कार्य चल रहा है। हालांकि, NEET जैसी विशाल परीक्षा को ऑनलाइन आयोजित करने के लिए एनटीए को परीक्षा केंद्रों और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना होगा।
नंदन नीलकेणी की अगुवाई में कार्य
NEET को CBT मोड में बदलने की प्रक्रिया पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल काम कर रहा है, जिसकी अगुवाई इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलकेणी कर रहे हैं। यह समूह परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने और इसे अधिक सुरक्षित और छात्र-केंद्रित बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हर साल लगभग 20 लाख छात्र NEET में शामिल होते हैं, इसलिए इस बड़े संख्या के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्रों की स्थापना एक बड़ी चुनौती होगी।
सरकारी संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाने पर जोर
CBT प्रणाली का समर्थन करने के लिए एक मजबूत परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क आवश्यक होगा। इस दिशा में, एनटीए AICTE के साथ मिलकर सरकारी कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों को परीक्षा केंद्र के रूप में नामित करने का प्रयास कर रहा है। इसका उद्देश्य परीक्षाओं को अधिक संगठित और सुरक्षित बनाना है। कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं प्रश्न पत्रों को प्रिंट करने और वितरित करने की आवश्यकता को समाप्त कर देती हैं, जिससे पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, इसके लिए डिजिटल सिस्टम और साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत करना भी आवश्यक है।
परीक्षाओं में AI का भविष्य
एनटीए परीक्षा प्रणाली में AI को एकीकृत करने पर भी काम कर रहा है। एजेंसी का लक्ष्य परीक्षा लॉजिस्टिक्स, डेटा और एनालिटिक्स की निगरानी के लिए AI का उपयोग करके धोखाधड़ी और अनियमितताओं का पता लगाना है। एनटीए पहले से ही कई परीक्षाओं के लिए आधार आधारित सत्यापन और चेहरे की पहचान का उपयोग कर रहा है। अभिषेक सिंह के अनुसार, पहचान सत्यापन के लिए चेहरे की पहचान प्रणाली वर्तमान में लगभग सभी प्रमुख परीक्षाओं में लागू की जा रही है।
भारत से बाहर विस्तार की योजनाएं
एनटीए के महानिदेशक ने कहा कि एजेंसी की प्राथमिकता भारत के भीतर परीक्षा प्रणाली और प्रक्रियाओं को मजबूत करना है। इसके बाद, एनटीए एक डिजिटल परीक्षा प्रणाली विकसित करने की योजना बना रहा है जिसे अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा अपनाया जा सके।
